‘वैज्ञानिक सोच से भारत बनेगा महाशक्ति’
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 05:45(31/01/12)
हिसार. हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के इंदिरा गांधी सभागार में सोमवार को दो दिवसीय साइंस कॉनक्लेव का शुभारंभ हुआ। कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के पूर्व निदेशक और योजना आयोग के सदस्य डॉ. के कस्तूरीरंगन ने किया।
उन्होंने कहा कि सोच की प्राथमिकता ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण है। पौराणिक काल में वैज्ञानिक सोच के चलते ही ऋषि भारद्वाज ने आदिकाल में ही मिसाइल के रूप आग्नेयास्त्र का अविष्कार किया था। उन्होंने डॉ. जेसी बोस को संचार संप्रेषण का जनक बताते हुए कहा कि इस समय दूरवर्ती उपग्रहों की कतार में देश विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर है।
कॉनक्लेव की अध्यक्षता प्रदेश के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने की। उन्होंने कहा कि नई दुनिया के दरवाजे खोलने में वैज्ञानिक सोच ही एकमात्र रास्ता है। कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का विज्ञान के प्रति जागरूकता पैदा करने का अभियान सराहनीय है। इस मौके पर एचएयू के कुलपति डॉ. केएस खोखर और वित्तायुक्त पीके दास ने भी संबोधित किया।
डॉ. कस्तूरीरंगन ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरित करने के लिए इंस्पायर फैलोशिप, एक्सपोजर और क्रास फर्टिलाइजेशन को बढ़ावा देना होगा।
योजना में विज्ञान के लिए जीडीपी का दो प्रतिशत
योजना आयोग ने इस बार विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दो प्रतिशत देने का फैसला किया है। पहले यह केवल .9 प्रतिशत था। उन्होंने बताया कि पहले .9 प्रतिशत में 70 प्रतिशत सरकार, 22 प्रतिशत निजी, चार प्रतिशत विश्वविद्यालय और चार अन्य संस्थाओं का योगदान था, लेकिन अब दो प्रतिशत में निजी और सरकारी क्षेत्र का योगदान बराबर होगा।
दो युवा विज्ञान अवार्ड
प्रदेश सरकार अब केवल एक विज्ञान रत्न अवार्ड नहीं देगी। विज्ञान में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए सरकार ने दो विज्ञान और दो युवा विज्ञान रत्न अवार्ड देने का फैसला किया है। इसकी घोषणा प्रदेश के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव पीके दास (विज्ञान और प्रौद्योगिकी) ने की।
कीट नियंत्रित करेगा आयुषी यादव का कीटनाशक घर
ओपी जिंदल माडर्न स्कूल में दसवीं की छात्रा आयुषी यादव का हाइटेक लाखों रुपये के कीटनाशक बचाएगा। बिजली के बल्ब और एल्युमिनियम की शीट से तैयार किए गए घर की कीमत करीब 50 रुपए है। इस घर में एक बल्ब लगा और इसमें एक बारीक रास्ता खोला गया है। जिससे रोशनी बाहर जाती रही और कीट नाशक आकर्षित होकर आए और एल्युमिनियम शीट गर्म होने के चलते आकर मर जाएंगे।
वाहन प्रदूषण दूर करने के लिए बनाया विशेष चैंबर
कैंपस स्कूल के छात्र सचिन, दानिश, सावी और रेनू ने मिलकर एक ऐसा चैंबर तैयार किया है जो सायलेंसर में लगा दिया जाए तो न केवल वह प्रदूषण दूर करेगा बल्कि वह विभिन्न प्रकार के बेहतरीन केमिकल भी उपलब्ध करवाएगा। इस विशेष प्रकार के चैंबर के तीन पार्ट हैं।
पहले पार्ट में गर्म, दूसरे ठंडा और तीसरे में सोडियम हाइड्रा ऑक्साइड है। जब सायलेंसर से सल्फर डाई ऑक्साइड निकलकर गर्म पानी से मिलता है तो सल्फ्यूरिक एसिड, ठंडे पानी से मिलता है तो नाइट्रस एसिड और अंत में सोडियम हाइड्रा ऑक्साइड से क्रिया करके सोडियम काबरेनेट बनाता है।