हिसार/सिरसा।अगर किसी निजी स्कूल में बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने के लिए स्कूल बस की जगह ऑटो का प्रयोग किया जा रहा है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने यह कदम उठाया गया है। सभी स्कूलों को इस आदेश के बारे में सूचित कर दिया गया है। नियमानुसार स्कूल में बच्चों को लाने और छोड़ने के लिए बस का होना अनिवार्य है। कई स्कूलों में बस की जगह बच्चों के लिए ऑटो लगा दिया जाता है।इन ऑटो में 15 से 20 बच्चों को बैठा दिया जाता है।
बच्चों को इस तरह बिठाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यातायात पुलिस नवंबर में ऐसे 35 ऑटो के चालान कर चुकी है। यातायात पुलिस ने अब ऐसे ऑटो पर लगाम लगाने के लिए सभी निजी स्कूलों को ऑटो में बच्चे न भेजने की हिदायत दी है। यातायात पुलिस ने स्कूलों को साफ बता दिया है अगर कोई स्कूल नियमों की अनदेखी करता है तो यातायात पुलिस उसकी मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक को लिखेगी।
हिसार में हुई थी रिद्धम की मौत
हिसार में नवंबर के आखिरी सप्ताह में तोशाम रोड स्थित सेक्टर 9-11 मोड़ पर सैंट मैरीज स्कूल का ऑटो पलटने से अगली सीट पर बैठे छठी कक्षा के रिद्धम की मौत हो गई थी। हादसे में पांच बच्चों को चोट लगी थी और 11 बच्चे बाल-बाल बच गए थे। प्रशासन ने एक माह में ऑटो को हटाने और बच्चों के लिए अन्य साधनों की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को स्कूल वैन में आग लग गई थी। प्रशासन ने स्कूल के वाहनों से गैस किट भी हटाने के आदेश दिए हैं।
ऑटो में क्षमता से अधिक 15 से 20 बच्चों को बैठाया जाता है। अधिक सवारियां होने के कारण दुर्घटना की आशंकाएं बढ़ जाती है। नियमानुसार स्कूल में बस होना अनिवार्य है। सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए गए है। अब भी कोई स्कूल बच्चों के लिए ऑटो लगाता है तो उसकी मान्यता रद्द करने के लिए लिखा जाएगा। दलजीत सिंह आर्य, जिला यातायात थाना प्रभारी