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दिन भर तनाव में रहे परिवार में शाम को आईं खुशियां
dainik bhaskar news
| Jul 30, 2012, 03:14AM IST

जय के पिता राजपाल हो या मां बीरमति सभी मन ही मन अपने आराध्य को याद कर रहे थे। जय के पिताराजपाल और मां बीरमति बताते हैं कि दिन भर दिल बैठा जा रहा था। लेकिन सवा सात बजे जय ने जैसे ही अपने प्रतिंद्वदी अलीशॉप एंड्रयू पर विजयी पंच जड़ा, सारी शंकाएं गायब हो गईं। फिर चला कैमरी रोड स्थित उनके घर पर बधाइयों का लंबा दौर।
उधर लगा जीत का पंच, इधर जश्न शुरू
जयभगवान का मुकाबला देखने के लिए शाम होते ही आस पड़ोस उनके घर पर एकत्र हो गया था। परिवार ने बड़ी टीवी स्क्रीन का प्रबंध किया था। शाम सात बजे जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, पूरा कमरा पिन ड्राप साइलेंट में तब्दील हो गया। जय अपने से सात वर्ष छोटे एंड्रयू पर शुरूआत से ही हावी रहा। जय का पंच जैसे जैसे प्रतिद्वंदी पर पड़ रहा था, सभी खुशी से चिल्ला रहे थे। जीत के बाद पूरा माहौल जश्न में बदल गया। हर कोई एक दूसरे को बधाई दे रहा था। आस पड़ोस की महिलाएं जहां जयभगवान की मां को गले लगाकर बधाई दे रही थी, वहीं उनके पिताजी राजपाल के पास रिश्तेदारों और जान पहचान के लोगों के फोन आ रहे थे।
पैतृक गांव निर्जन में भी जश्न
शिवकुमार गौड़त्न जींद . हामनै तो पहलां तै ही विश्वास था म्हारा लाडला लंदन तै यूं ही नहीं लौटने वाला सै। वो तो मेडल लाकर म्हारा सिर आसमां तै भी ऊंचा करैग्या। बस हम तैं यों ए बांट देखां थे और आज तो कलेवार के टेम तै ही टीवी आग्गै टकटकी लगा रहै थे। जब जयभगवान ने जीत का मुक्का मारा तो उनके वारे के न्यारे हो गे। इस तरह की बातें निर्जन गांव की महिलाएं व पुरुष बॉक्सर जयभगवान के विजयी पंच के बाद करते नजर आए। बॉक्सर जयभगवान के विजयी पंच के साथ ही उनके पैतृक गांव निर्जन में जश्न का माहौल बन गया है। अपने लाडले की जीत पर एक तरफ जहां महिलाओं ने नाच गाकर ठेठ हरियाणवी तरीके से जश्न मनाया वहीं युवा डीजे पर थिरके। बुजुर्गो ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर जयभगवान के जीत की खुशियां आपस में बांटी।






