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पुराने शहर में नहीं बना सकते बेसमेंट
केसी दरगड़
| Dec 07, 2012, 04:57AM IST

हिसार. शहर में बहुमंजिला व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में धड़ाधड़ बेसमेंट बनाए जा रहे हैं। बेसमेंट बनाने से मिट्टी का भी अवैध खनन हो रहा है वहीं यह निर्माण भी नियमों को ताक पर रखकर किया जाता है। बेसमेंट बनाने में भूकंपरोधी निर्माण के मानक का भी पालन नहीं हो रहा।
नए और पुराने शहर में बेसमेंट बनाने के नगर निगम, हुडा, नगर सुधार मंडल के नियम हैं। साफ आदेश हैं कि पुराने शहर में बेसमेंट नहीं बना सकते। इन नियमों के बारे में निर्माण करने वालों को भी पता है क्योंकि वे नक्शा पास कराते समय लिखित में शर्तो का पालन करते हैं। नक्शा पास कराने के बाद भवन निर्माता की चलती है। जब कोई शिकायत की जाती है तो मौका मुआयना कर कंपाउंडिंग की आड़ में अवैध को वैध करने का मौका दिया जाता है।
यहां खूब बने हैं बेसमेंट
राजगुरु मार्केट, क्लॉथ मार्केट, वकीलान बाजार, मोती बाजार, गांधी चौक, मंडी रोड, सब्जी मंडी रोड जैसे पुराने इलाकों में पुराने निर्माणों को तोड़कर नए निर्माण हुए हैं। नियमों के विरुद्ध इन निर्माणों में बेसमेंट भी बनाए गए हैं। शहर के नए हिस्से में व्यावसायिक निर्माणों में बेसमेंट बनाए गए हैं, लेकिन इनका प्रयोग स्टोर, पार्किग या जेनरेटर रखने के स्थान की बजाय व्यावसायिक रूप से फायदा उठा रहे हैं। कृष्णा नगर, दिल्ली रोड पर बेसमेंट में कॉमर्शियल निर्माण हुए हैं।
रुकवाए भी हैं निर्माण
दिल्ली रोड पर हाल ही में बने एक शॉपिंग मॉल वाले ने बेसमेंट के स्थान कामर्शियल निर्माण किया है। नोटिस देने के बाद जब नहीं सुनीं तो नगर निगम ने मामला कोर्ट में डाल दिया। इसके बराबर में बेसमेंट में चल रहे शॉपिंग माल का विवाद अभी चल रहा है। कृष्णा नगर में नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं रुका। पिछले दिनों राजगुरु मार्केट और क्लॉथ मार्केट में नगर निगम और नगर सुधार मंडल ने शिकायत के बाद बेसमेंट के निर्माण रुकवाए। अब तक अधिकांश कार्रवाई शिकायतों के आधार पर हुई हैं।
नहीं बना सकते बेसमेंट
पुराने शहर में बेसमेंट नहीं बना सकते। बेसमेंट बनाने में आसपास के निर्माणों को खतरा संभावित है और इसलिए प्रतिबंध लगाया गया है। यदि नए शहर में बेसमेंट बनाना है तो पड़ोसी कोई दिक्कत है तो उसे रुकवाया जा सकता है। बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किग, स्टोर और जनरेटर रखने के लिए किया जा सकता है।
बेसमेंट बन रहा है तो यहां करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति को बेसमेंट बनाने से खतरा या अवैध रूप से निर्माण हो रहा है तो हुडा में एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम में कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, सचिव और नगर सुधार मंडल में एसडीएम और सचिव से सीधी शिकायत की जा सकती है। शिकायत होने पर इंजीनियर को मौके पर भेजा जाता है। नक्शे के अनुसार निर्माण होने पर नोटिस देकर काम रुकवाया जाता है।
बनाएं भूकंप रोधी बिल्डिंग
भूकंपरोधी बिल्डिंग के लिए नींव के समय बेड स्ट्रक्चर बनाया जाता है। यह सरियों के जाल से बनाया जाता है। यह आरसीसी का डबल लेंटर माना जाता है। इसके चारों कोनों पर आरसीसी के पिलर खड़े किए जाते हैं। इस पर डोर लेवल बीम और रूफ लेवल आरसीसी स्लैब डाला जाता है। इस पूरे तैयार ढांचे को फ्रेम स्ट्रक्चर भी कहा जाता है। निर्माण के आगे और पीछे शेड बैक भी छोड़ा जाना जरूरी है। इसके गिरने से नुकसान कम होता है।
पुराने शहर में बेसमेंट की परमिशन नहीं है। नए में भी यदि कोई बनाता है तो मानक के अनुसार उस पर कार्रवाई होती है। शिकायतों पर कई अवैध निर्माण भी रुकवाए हैं। एक मामला कोर्ट में है।
सुरेश गोयल, एमई, नगर निगम








