गाजर से खुशहाल हुए चांग के किसान, जिले में करते हैं सबसे ज्यादा उत्पादन

गाजर से खुशहाल हुए चांग के किसान
पानीपत के गाजर व्यापारी शिवकुमार कई सालों से चांग की गाजरें खरीदकर हरियाणाभर में सप्लाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि चांग क्षेत्र की गाजरों की मांग मंडी मे ज्यादा होती है क्योंकियहां की गाजर का साइज व रंग अन्य क्षेत्रों की तुलना मे बेहतर होता है ।
नाम और दाम दोनों
उत्पादन: चांग व उसके आसपास के इलाकों के किसान गाजर को लाल सोना भी कहते हैं। हर साल यहां हजारों हेक्टेयर में गाजर जो बोई जाती है।
असर: पिछले कुछ साल से गाजर के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं। इसका असर यहां के किसानों के जीवन स्तर पर साफ दिखाई देता है। आधुनिक कृषि यंत्र हैं यहां किसानों के पास।
दूसरों पर भी असर
कारवां जुड़ा : पहले पहल केवल चांग के किसानों ने गाजर लगाना शुरू किया लेकिन अब तो आसपास के दर्जन भर गांवों में गाजर का खूब उत्पादन होता है।
यहां भी गाजरें: चांग के साथ साथ रिवाड़ीखेड़ा, ढाणी हरसुख, सीसर व बडेसरा गांव के किसान भी चांग के साथ उत्पादन में लगातार होड़ दिखा रहे हैं।
किसान मानते हैं-गाजर फायदे का सौदा
चांग के किसान पाहड़ी, योगेश, बिशंबर, धर्मबीर ने बताया कि गाजर की खेती किसानो के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो रही है । गाजर पर बेमौसम बरसात,पाले या अन्य बीमारियों का दूसरी फसलों की तुलना मे बहुत ही कम प्रभाव पड़ता है । जिस कारण किसानों को ज्यादा कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव की भी जरुरत नही पड़ती ।






