गैंगरेप कांड पर अब राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं नेता

हिसार।डाबड़ा गांव की युवती के साथ गांव के ही युवकों द्वारा गैंगरेप और आहत पिता का सुसाइड। पुलिस पर दबाव और मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी। इसके बाद डाबड़ा कांड अब राजनैतिक रोटियां सेंकने का तंदूर बन गया है। छोटे से लेकर बड़े स्तर के नेता तक डाबड़ा कांड की सुर्खियों के बीच अपनी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में है। धरने- प्रदर्शन, जुलूस और बयानबाजी का हर संभव हथियार आजमाया जा रहा है।
गुरुवार को भी जिलेभर में डाबड़ा कांड को लेकर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चला। किसी ने नारेबाजी की तो कइयों ने बयानबाजी। कुलदीप बिश्नोई ने बुधवार को डाबड़ा कांड में शामिल आरोपियों के इनेलो व कांग्रेस से संबंध होने का आरोप लगाया तो गुरुवार को कांग्रेस और इनेलो ने वर्षो पहले दफन हो चुके सुशीला कांड का मुद्दा उछाल दिया। इन दलों ने फिजा व भंवरी कांड की भी चर्चा कर डाली। अब राजनेता एक दूसरे के ‘पतड़े’ भी खंगालने में लगे हैं।
गुरुवार को संघर्ष समिति में मतभेद भी उजागर हुआ।21 सदस्यों वाली संघर्ष समिति एसपी चालिया ने संजय चौहान पर आरोप लगाते हुए समिति से उनके निष्कासन की बात कही। वहीं संजय चौहान ने चालिया को ही निष्कासित करने की बात कही।
कांग्रेस का भी पलटवार
कांग्रेस भवन में जिला प्रवक्ता धर्मबीर गोयत ने प्रेस वार्ता कर कुलदीप बिश्नोई पर सरकार की तरफ से पलटवार किया। धर्मबीर गोयत ने कहा कि अपराधी की कोई जाति व धर्म नहीं होता। इस मामले को जातीय रंग देना और राजनीति करने वालों को जनता जवाब देना जानती है। कानून अपना काम कर रहा है।
हमारा कोई संबंध नहीं
इनेलो ने भी कुलदीप बिश्नोई के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। राज्यसभा सदस्य रणबीर गंगवा ने कहा- इस मामले पर कुछ भी बोलने से पहले लोगों को अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए। पूर्व विधायक कमल सिंह और पूर्णसिंह डाबड़ा ने भी अपनी बात रखी। गंगवा ने कहा कि आरोपियों का इनेलो से दूर दूर तक कोई नाता नहीं।
कांता आलड़िया का डीजीपी पर निशाना
डाबड़ा कांड पर इंडियन बहुजन संदेश पार्टी (कांशीराम) की अध्यक्ष कांता आलड़िया ने भी ऋषिनगर में प्रेस वार्ता की। कांता डाबड़ा गांव भी गई। कांता ने डाबड़ा मामले में डीजीपी को ही बर्खास्त करने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि डीजीपी के कारण ही प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है।
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