बढ़ रही है ठंड, अब संभालिए अपने दिल को

हिसार. लगातार ठंड बढ़ रही है। सर्दी के मौसम में दिल सिकुड़ रहे हैं।अस्पतालों में भी ओपीडी में एक चौथाई मरीज इसी से जुड़े आ रहे हैं। हृदय रोगियों के साथ स्वस्थ लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
सबकुछ खाने की बजाय मौसम के हिसाब से खानपान में ध्यान रखें। विशेषज्ञों ने भी इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी के साथ सलाह दी है। यानि सर्दी में दिल को बचाकर रखना ही फायदेमंद है।
क्यों सिकुड़ता है दिल?
रक्त का फ्लो कम होने के कारण धमनियां ठंड के कारण सिकुड़ती हैं। शारीरिक गतिविधियां भी कम हो जाती हैं। इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है।
सर्दी के दिनों में हृदय रोगियों के अलावा उन लोगों को भी खतरा हो सकता है जो खानपान में लापरवाही कर रहे हैं। हृदय रोग के लक्षणों को नजर अंदाज कर रहे हैं।
ऐसे मौसम में साइलेंट किलर आपकी जान जोखिम में डाल सकता है। धमनियों में थोड़ी सी रुकावट ठंड में बढ़ जाती है। स्वस्थ लोग भी मौसम के हिसाब से अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं तो अच्छा रहेगा।
ऐसा लगे तो तुरंत जाओ डॉक्टर के पास
सीने में दर्द, सीढिय़ां चढऩे और तेज चलने में सांस फूलने, ब्लड प्रेशर हाई होने और सिर दर्द होने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इनकी नजर अंदाजी आपके लिए खतरा बन सकती है। सीने में दर्द को किसी भी हालत में हल्के से नहीं लेना चाहिए।
चिकनाई युक्त और ठोस खाद्य पदार्थ से रखें परहेज
चिकनाई युक्त और ठोस खाद्य पदार्थ नहीं खाएं। हरी सब्जी, सलाद, फल और तरल पदार्थ अधिक इस्तेमाल करें। सीजनल सब्जियों की सलाद के साथ पत्ते दार सब्जी पालक व मैथी का साग अधिक इस्तेमाल करें।
हर आधा घंटे बाद आधा गिलास पानी जरूर पिएं। कमजोर और हृदय रोगियों को ठंडा पानी ना पिलाएं। उन्हें गर्म पानी से ही नहलाएं।






