Home » Haryana » Hisar » Hisar Foot - And Cry Bitterly Aurangzeb, In The Eyes Of The Father's Right To Free PIP

हिसार में फूट-फूट कर रोया 'औरंगजेब', आंखों में था पिता को ना मुक्त कर पाने का रंज

bhaskar news | Feb 18, 2013, 04:15AM IST
हिसार में फूट-फूट कर रोया 'औरंगजेब', आंखों में था पिता को ना मुक्त कर पाने का रंज

हिसार. बेटी। पिंजरे में कैद उस परिंदे को सुनो, वो कुछ कह रहा है। जाओ खोल दो उस पिंजरे को। पिता औरंगजेब की यह बात सुनते ही बेटी जीनत उन्नीसा औरंगजेब के महल में कैद परिंदे को उड़ा देती है।


इस पर रोते हुए औरंगजेब फिर अपनी पिछली बातों को याद करते हुए कहता है काश। हम अपने अब्बू जान को तब आजाद कर पाते। हिंदुस्तान के शहंशाह (अब्बू जान) को इस परिंदे की किस्मत नसीब नहीं हुई।


बिस्तर पर बीमार पड़ा वह औरंगजेब आज यूं अपने किए पर पश्चाताप कर रहा है, लेकिन उसे इन सब कृत्यों के लिए माफी देने वाला भी कोई नहीं है। बस।़ बेटी के सामने अपने कर्मों को लेकर पछतावे  के आंसू बहाने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है।

Modi Quiz
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
5 + 2

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment