जींद. जिला अदालत परिसर में गुरुवार को एक अलग ही 'मुकदमा' चला। इसमें न अभियुक्तों को आवाज लगी और न वकीलों में जिरह हुई। कोर्ट में मंडप सजा। बारात भी आई। ...और एक सजायाफ्ता कैदी का घर बसाने का फैसला हो गया।
सुबह 12 बजे जींद कोर्ट परिसर में दुल्हन के जोड़े में सजी ममता ने उम्रकैद की सजा काट रहे अपने प्रेमी संजय के साथ सात फेरे लिए। रीति-रिवाज के साथ पंडित ने उन दोनों की शादी कराई। रस्म पूरी होने के बाद दूल्हे को वापस जेल भेज दिया गया और दुल्हन ससुराल चली गई।
इस मौके पर सीजेएम बसरूद्दीन, जिला बार अध्यक्ष जितेंद्र पहल, सरकारी वकील सुरेंद्र खटकड़ और युवती के वकील विनोद समेत वर-वधू पक्ष के चुनिंदा लोग भी मौजूद थे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
चार साल से प्रेम-प्रसंग: झारोठ गांव के संजय और सोनीपत की ममता का चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक ही जाति से हैं। इसी बीच 7 जुलाई, 2010 को जुलाना के लक्ष्मी नगर में सुखबीर और उसकी पत्नी की हत्या के मामले में 9 आरोपियों के साथ संजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
27 अगस्त, 2012 में संजय को एडिशनल सेशन जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई। तभी से वह जेल में है। पिछले साल 13 दिसंबर को ममता व संजय ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर कर शादी करने की इच्छा जताई और छुट्टी मांगी। अदालत ने सुरक्षा के पहलू को देखते हुए जींद कोर्ट परिसर में ही उनकी शादी कराने के आदेश दिए।
आगे की तस्वीर: क्या कह रही पत्नी...