सीएम सिटी की बेटियों ने ली कुपोषण को खत्म करने की शपथ

रोहतक। दैनिक भास्कर की मुहिम देसां म्हं देस हरियाणा के 'स्वस्थ बेटियां हमारा हकÓ के तहत शनिवार को सीएम सिटी की हजारों बेटियों ने कुपोषण के खात्मे का संकल्प लिया। मुख्यातिथि राज्य बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष आशा हुड्डा ने प्रदेश की नई पीढ़ी के कुपोषण की चपेट में आने पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी देश व प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए वहां की भावी पीढ़ी का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। हमें अपनी संतानों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार देना होगा, जिससे हमारा देश कुपोषण की काली छाया से बाहर निकल सके।
पंडित श्रीराम रंगशाला में डीडा स्पोट्र्स के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में हजारों स्कूली छात्राओं को संबोधित करते हुए आशा हुड्डा ने कहा कि समाज को बदलने के लिए लड़कियों में ज्यादा हिम्मत व हौंसला है। वे मानसिक रूप से ज्यादा मजबूत हैं, लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि माता-पिता बच्चों को समय नहीं दे रहे हैं। उनकी अनदेखी की वजह से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। इसमें बच्चों का कोई कसूर नहीं है। कमी सिर्फ समाज की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रपट के अनुसार भारत में हर तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है। हमारे देश के 21 लाख बच्चे हर साल पांच वर्ष की आयु पूरी होने से पहले ही कुपोषण व इसके कारण होने वाली बीमारियों से मृत्यु के शिकार हो जाते हैं।
आशा हुड्डा ने कहा कि बच्चे सब कुछ खाएं, लेकिन जंक फूड कभी कभार ही ठीक रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों को पौष्टिक आहार न देकर हम इस देश को खत्म कर रहे हैं। कुपोषण के खिलाफ करीब सवा किलोमीटर लंबी रैली की अगुवाई करते हुए आशा हुड्डा ने कहा कि लड़कियां छह माह में हिमोग्लोबिन जरूर चेक कराएं। अगर खून की मात्रा कम है तो वे आयरन की गोलियां लें और अच्छी खुराक लें। माता पिता से जिद करें कि उन्हें हिमोग्लोबिन की जांच करानी ही है। वे पूरे रास्ते छात्राओं के साथ स्वस्थ बचपन के नारे भी लगाती रहीं। विधायक भारत भूषण बतरा की धर्मपत्नी नीलम बतरा ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ दैनिक भास्कर का प्रयास जरूर रंग लाएगा।
वहीं, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान ने कहा कि कुपोषण से बेटियों को शारीरिक, मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। मां-बाप खुराक का चार्ट बनाकर बच्चों को पौष्टिक आहार दें। इस मौके पर सीएम के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव जेके मल्होत्रा, पीजीआई की पीआरओ सीमा दहिया व विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों शिक्षक भी उपस्थित थे।







