मंत्र से बन जाते थे ब्रह्मास्त्र: ज्यादातर लोगों के बीच यही मान्यता प्रचलित है कि ब्रह्मास्त्र दैवीय अस्त्र थे, जो देवताओं की तपस्या के बाद हासिल होते थे।
लेकिन, यह भी पूरा सच नहीं है। कुछ ब्रह्मास्त्र साफ-साफ नजर आते थे, लेकिन कुछ ऐसे भी थे, जिन्हें मंत्रों की शक्ति से संहारक अस्त्र बना दिया था। जैसे, रथ के पहिए को चक्र बना देना। मंत्रोच्चरण के साथ ही ब्रह्मास्त्र दुश्मन का सिर काट दिया करते थे। लेकिन, एक खास बात यह भी थी कि मंत्रों के जरिए उन्हें बेअसर भी किया जा सकता था और ये उन्हीं पर इस्तेमाल होता था, जिनके पास वही शक्तियां हों।