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योजना: अब एसी गाड़ियों में बिकेंगी फल और सब्जियां

राकेश सिहाग | Dec 03, 2012, 07:11AM IST
 
 


फतेहाबाद. प्रदेश में जल्द ही आपको गली-मोहल्ले में फल-सब्जियां बेचने वाली गाड़ीनुमा वातानुकूलित रेहडिय़ां दिखेंगी। इससे उपभोक्ताओं को घर के आगे ही ताजा फल और सब्जियां उपलब्ध हो पाएंगी। यानी कि बिल्कुल फ्रेश, वैसी ही जैसी खेत से तोड़ी गई हों। ऐसा बागवानी विभाग की एक योजना की वजह  से संभव हो रहा है।


असल में योजना के मूर्त रूप लेने से एक ओर आम आदमी को फ्रेश फल-सब्जियां मिलेंगी तो दूसरी तरफ बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। किसानों के लिए लोकल मार्केटिंग के लिए भी उक्त गाड़ी फायदेमंद सिद्ध हो सकती है।

मगर केवल अनुसूचित जाति श्रेणी के ही लोग इसका लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि फिलहाल ये जाति विशेष के लिए ही योजना है। विभाग ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी के बेरोजगारों के लिए रेहड़ीनुमा गाड़ी यानी एसी कार्ट (वातानुकूलित छकड़ा) सब्सिडी पर देने की योजना बनाई है।

इसके तहत विभाग रेहड़ीनुमा गाड़ी खरीदने के लिए विभाग 90 फीसदी सब्सिडी देगा जिसके लिए 137 लाख 88 हजार रुपये का बजट निर्धारित कर लिया गया है। पूरे प्रदेश में कुल 168 वेंडिंग कार्ट देने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 94 मोटरचलित और 74 बिना मानवचलित कार्ट होंगी।


बागवानी विभाग ने निदेशालय स्तर पर दो  कंपनियों को योजना के लिए फाइनल किया गया है जो ये छकड़े उपलब्ध करवाएंगी। उक्त कंपनियों के पास कई वैरायटी के छकड़े हैं, जिनकी कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये तक है। इन छकड़ों में से कुछ तीन पहिया वाले हैं तो कुछ फोरव्हीलर भी हैं।


इन छकड़ों में एसी लगा होगा जो ठंड से फल-सब्जियों को फ्रेश रखेगा। इसमें जो ऊर्जा की आवश्यकता होगी वो सूरज की रोशनी मिलेगी।


स्टेयरिंग, गीयर, ब्रेक की सुविधा
गाड़ी पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित है। वैसे ये दो तरह की गाडिय़ां हैं। इनमें एक एक मशीनचलित और दूसरी मानवचलित है। मशीनचलित में स्टेयरिंग, गीयर, ब्रेक आदि कार की तरह सबकुछ है तो मानवचलित कार्ट चालक को खींचनी या धकेलनी पड़ेगी। मगर एसी दोनों में ही होगा।


सिरसा-फतेहाबाद के लिए आएंगी सबसे ज्यादा गाडिय़ां
बागवानी विभाग के निदेशालय से जिलावार गाडिय़ों के लिए जो लक्ष्य रखा गया है उनमें सिरसा और फतेहाबाद जिले का कोटा सबसे अधिक है। सिरसा में 20 मशीनचलित, 15 मानवचलित तथा फतेहाबाद में दोनों तरह की 10-10 गाडिय़ां देने का लक्ष्य है।

इसके अलावा पंचकूला, यमुनानगर, कैथल, रोहतक और जींद में दोनों तरह की पांच-पांच, अंबाला व पलवल में केवल एक-एक मानवचलित, करनाल में 5 मशीनचलित व 6 मानवचलित, पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद में पांच मशीनचलित व एक-एक मानवचलित, झज्जर, नारनौल, गुडग़ांव व भिवानी में दो-दो मशीनचलित व एक-एक मानवचलित, रेवाड़ी में दोनों प्रकार की 2-2, हिसार में 6 मशीनचलित व पांच मानवचलित तथा मेवात में दोनों तरह की एक-एक उक्त वेंडिंग कार्ट सब्सिडी पर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


पहले आओ, पहले पाओ का आधार
फतेहाबाद के जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) डॉ. पीसी संधू ने बताया कि वेंडिंग कार्ट से संबंधित लक्ष्य उनके पास आ गए हैं। उन्होंने आवेदन लेने भी शुरू कर दिए हैं। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। आवेदक अनुसूचित जाति श्रेणी से होना जरूरी है।

बाकी फेरी से फल-सब्जियां बेचने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी और आवेदक के पास जमीन होना या न होने की कोई खास शर्त नहीं है। यानी कि बिना जमीन वाला भी आवेदन कर सकता है।  निर्धारित श्रेणी वर्ग का किसान भी लोकल मार्केटिंग के लिए कार्ट लेकर फायदा उठा सकता है।

विभाग का मकसद प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझना और आपूर्ति को बेहतर बनाना भी है। कोशिश रहेगी कि योजना को जल्द सिरे चढ़ाया जाए और ताजा उत्पादों को जनता तक पहुंचाया जाए।

 

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