गैस उपभोक्ताओं की जेब पर 80 लाख का डाका

हिसार। गैस सिलेंडर व होम डिलीवरी रेट और अन्य सुविधाओं के नाम पर एजेंसियां मोटा गोलमाल कर रही हैं। एक तरफ घटती सब्सिडी की मार तो दूसरी तरफ एजेंसियों की मनमानी में उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है। बड़ी-छोटी सभी एजेंसियां इस खेल से अछूती नहीं हैं।
भास्कर संवाददाता ने गैस की होम डिलीवरी से जुड़े मामलों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शहर की विभिन्न एजेंसियों के उपभोक्ताओं से केवल सिलेंडर की होम डिलीवरी के मुद्दे पर ही बात की गई तो जिलेभर की एजेंसियां सवालों के घेरे में दिखी। खुद गैस एजेंसियों से जुड़े कर्मचारी नाम ना छापने की शर्त पर इस घालमेल को स्वीकारते हैं, मगर गैस एजेंसी एसोसिएशन के पदाधिकारी इसे नकार रहे हैं।
जिले में 22 एजेंसियां
जिलेभर में 22 गैस एजेंसियां हैं। हर महीने डेढ़ लाख सिलेंडरों की खपत होती है। इनमें से 11 एजेंसियां हिसार शहर में हैं, जहां से हर महीने 70 हजार सिलेंडर उपभोक्ताओं को दिए जाते हैं। पूरे जिले में पौने तीन लाख उपभोक्ता हैं। पड़ताल में सामने आया कि इनमें से 30 फीसदी उपभोक्ता गोदाम या एजेंसी से सिलेंडर उठाते हैं और उन्हें होम डिलीवरी चार्ज की पर्ची थमा दी जाती है। इस हिसाब से एजेंसियां हर महीने 45,000 सिलेंडरों पर होम डिलीवरी चार्ज बेरोकटोक वसूल रही हैं।
अगर आपने ऑनलाइन या फोन पर बुकिंग करवाई है तो भी गोलमाल पकड़ा जा सकता है। किसी भी गैस कंपनी के पोर्टल पर जाकर आप अपने गैस सिलेंडर की स्टेटस रिपोर्ट चेक कर सकते हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतें हैं कि उनके बुकिंग नंबरों पर पहले से ही सिलेंडर होम डिलीवरी हो चुकी होती है जबकि उनके घर पर कोई सिलेंडर पहुंचा ही नहीं होता।
डीएफएससी डॉ. घनश्याम सिंह कहते हैं शहर में कई जगह से शिकायतें मिल रही हैं, जिसे देखते हुए एजेंसियों का निरीक्षण किया जाएगा।
सिलेंडर पर 39 रुपये
हर एक सिलेंडर पर एजेंसी को खाते में 10 प्रतिशत राशि मुनाफे के रूप में मिलती है। यानी 398 रुपये के सिलेंडर पर 39 रुपये आठ पैसे एजेंसियों के खाते में जाते हैं। एजेंसी वाले अब एमआरपी पर 65 रुपये की छूट मांग रहे हैं। इस तरह अब वे 16.33 प्रतिशत की छूट चाहते हैं।
कोर्ट में पहुंचे मामले
शिकारपुर के रोहताश ने गैस होम डिलीवरी के घालमेल के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने एजेंसी से जवाब मांगा है। आदमपुर के उपभोक्ता एडवोकेट अनिल, रामचंद्र, दिनेश शर्मा, आनंद शर्मा ने गैस एजेंसियों पर गैस सिलेंडर की सुरक्षा जांच के नाम पर वसूली का आरोप लगाया है।







