हुडा में फिक्स टाइम में होंगे आपके काम

हिसार। हुडा के दफ्तरों में अपने काम के लिए बार-बार चक्कर काटने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अब जब आवेदक का काम पूरा हो जाएगा तो उसके मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी मिल जाएगी। संबंधित काम की फाइल जमा कराते समय आवेदक का मोबाइल नंबर लिखवाया जाएगा। सिटीजन चार्टर को और प्रभावी बनाने तथा लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के सभी हुडा प्रशासकों को निर्देश दिए हैं।
अब यह है व्यवस्था
हुडा में सेक्टर वाइज जूनियर इंजीनियरों को काम बांट रखा है। इनके ऊपर एसडीओ स्तर के अधिकारी हैं। इसके बाद एक्सईएन और ईओ से ऊपर प्रशासक हैं। प्लॉट खरीदने वाले या अन्य संबंधी काम से जुड़े लोग निर्धारित फीस और फाइल के साथ संबंधित काउंटर पर जमा कर चले जाते हैं। वे निर्धारित समय अवधि पर काम न होने के कारण चक्कर ही लगाते रहते हैं।
बार-बार चक्कर काटने के बाद भी कभी अधिकारियों का ऑफिस में नहीं मिलना तो कभी काम पूरा नहीं होने की बात पर कई बार कहासुनी भी हो चुकी है। आवेदकों का समय खर्च होने के साथ मानसिक परेशानी होती है।
ऐसे होगा काम
इस योजना के तहत पत्रावली या फीस जमा कराने के साथ आवेदक का मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा। काम पूरा होने पर हुडा की ओर से आवेदक के मोबाइल पर मैसेज दे दिया जाएगा।
इस योजना के तहत पत्रावली या फीस जमा कराने के साथ आवेदक का मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा। काम पूरा होने पर हुडा की ओर से आवेदक के मोबाइल पर मैसेज दे दिया जाएगा।
लगा है फाइलों का ढेर
अधिकतर फाइलें घूम फिर संबंधित जूनियर इंजीनियर के पास आती हैं। कार्यालय अधीक्षक के माध्यम से ईओ और प्रशासक तक पहुंचती है। लंबित फाइलों को लेकर अफसर कई बार क्लास ले चुके हैं लेकिन कोई प्रभावी असर दिखाई नहीं दिया और समय पर काम न होने की शिकायतें रहीं।
बाधाएं भी कम नहीं
हुडा के दफ्तर में फाइल न मिलना एक बड़ी समस्या है। शुक्रवार को सेक्टर 9/11 से का एक व्यक्ति अपने काम के लिए अधीक्षक के पास पहुंच गया। अधीक्षक ने इस मामले में संबंधित लिपिकों से हार मानते हुए कहा कि फाइल नहीं मिल रही है। अब फिर से ढुंढ़वाता हूं। तत्कालीन ईओ महावीर प्रसाद के कार्यकाल में भी एक व्यक्तिफाइल नहीं मिलने पर बवाल हुआ था।
सिटीजन चार्टर
- कार्य विवरण समय अवधि
- किश्त/देयराशि के बारे में- सात दिन
- बंधक अनुमति- सात दिन
- अदेयता प्रमाणपत्र- 18 दिन
- हस्तांतरण विलेख- 18 दिन
- हस्तांतरण अनुमति- 18 दिन
- अंतिम हस्तांतरण- 7 दिन
- डीपीसी प्रमाणपत्र- 8 दिन
- अधिकार प्रमाणपत्र- 5 दिन
- सीमांकन योजना- 3 दिन
- निर्माण योजना की मंजूरी- 15 दिन
- पूर्णता प्रमाणपत्र -15 दिन
- वापसी/लौटाना- 10 दिन
- पेयजल /सीवरेज कनेक्शन- 9 दिन
सिटीजन चार्टर की समय अवधि ऑफिस खुलने वाले दिनों की शामिल होगी। यदि इन दिनों के बीच कोई सरकारी या साप्ताहिक अवकाश है तो उस दिन की गिनती नहीं होगी।
॥ लोगों को किसी काम के पूरा होने की जानकारी के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब आवेदक को उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी मिल जाएगी।ञ्जञ्ज
वीके अरोड़ा, एसडीई, हुडा।









