हिसार. एक सेकंड, सिर्फ एक सेकंड के फासले से अनहोनी होते-होते रह गई। तीन लाशें बिछ जाती और परिजनों को मिलता जिंदगी भर का दर्द। अगले दिन दर्दनाक हादसे की खबर छपती, एक बच्चे सहित उसके माता-पिता की मौत।
शहर में ऐसे दृश्य आम हैं। शहर की विभिन्न सड़कों पर मात्र कुछ समय के अंतराल में तीन घटनाएं होती हैं। तीनों में बाइक सवार शामिल हैं। तीनों बार गलती उनकी है। तीनों बार तीन बड़े हादसे होने से बचते हैं।
यह हुआ
पहला वाकया है शहर के प्रमुख चौक सिरसा-दिल्ली बाईपास का। शाम 4.15 बजे का समय है। बरवाला रोड की तरह लाल बत्ती जल रही है। अभी गिनती ४क् तक पहुंची है, यानि ग्रीन बत्ती होने में कुछ समय बाकी है। दिल्ली रोड का रास्ता खुला है। यहां ग्रीन सिग्नल पर वाहन तेजी से आ-जा रहे हैं। बिल्कुल यातायात नियमों के अनुसार ट्रैफिक चल रहा है।
गलती किसकी!
अचानक एक बाइक लाल बत्ती का उल्लंघन करते हुए तेजी से बरवाला रोड की और रेस लगाती है। बाइक पर एक अधेड़ पुरुष, उसकी पत्नी और एक बच्चा सवार है। उन्हेंअचानक दौड़ते देख अपनी बारी की इंतजार में खड़े वाहन चालक हक्के-बक्के रह जाते हैं। बाइक चौक के बीचोंबीच है। तभी दिल्ली की ओर तेज गति से आ रहा ट्रक तेजी से उस पर झपटता है।
मौत का सामना
एक सेकंड और मौत सिर पर। ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की नीचे। अंतिम समय देखकर भगवान तो याद आये होंगे। घबराये और हड़बड़ाये बाइक सवार के होश गुम हो गए। ट्रक ने तेजी से ब्रेक मारी। तभी बाइक सवार के हाथ तेजी से रेस पर घूमते हैं। बाइक की हवा में छलांग और बच गया परिवार। सब कुछ मात्र चंद पलों में हो गया। ट्रैफिक फिर सामान्य हो गया।
रेड बत्ती पर भगाई बाइक
सिरसा बाइपास पर ही बीस मिनट बाद। बरवाला रोड की ओर से तेजी से आ रही एक बाइक के सवार ने फिर चिंता नहीं की रेड बत्ती की। ग्रीन बत्ती होने में अभी 30 सेकंड बाकी हैं, लेकिन परवाह किसे है। बाइक पर एक युवक है। बिना लाल बत्ती की परवाह किए वह जीजेयू की ओर बाइक भगाकर ले जाता है। ट्रैफिक नियमों की उसे कोई परवाह नहीं है। एक बार फिर चौक पर खड़े अन्य वाहन चालक हक्के-बक्के हैं।
कार में जा ठोकी बाइक
सब्जी मंडी से कैंप चौक को मिलाने वाले पुल पर शाम साढ़े पांच बजे। ट्रैफिक काफी है, लेकिन एक बाइक पर सवार दो युवाओं को इसकी परवाह कहां। तेजी से बीच में निकलते हुए एक कार में जा भिड़ते हैं। कार चालक समझदारी दिखाता हुए गाड़ी थोड़ी मोड़ लेता है और बाइक उसके साथ से रगड़ खाती हुई निकल जाती है। बाइक की लाइट टूट जाती है। दोनों युवकों की टांगें सही सलामत हैं। देखते-देखते वहां लोग जमा हो जाते हैं।