खुद बाबू लगाते हैं कश, कौन काटे औरों के चालान!
Source: | Last Updated 02:50(17/02/12)
यजुवेंद्र मेहरा त्न सोनीपत
सरकारी विभागों के कार्यालय परिसर में धूम्रपान पर सौ फीसदी पाबंदी लग चुकी है, सरकारी विभागों के आंकड़े तो यही दर्शाते हैं। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई चालान बुक में विभाग उपस्थिति तक दर्ज नहीं करा पाया है। जबकि वास्तविकता इससे अलग है। सार्वजनिक स्थानों पर आज भी लोग धूम्रपान कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। धूम्रपान करने में कार्यालयों में कार्यरत कुछ बाबू भी पीछे नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पाबंदी लगाई हुई है। धूम्रपान करता हुआ पाए जाने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है, लेकिन आज भी अनेक व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते हुए पाए जाते हैं। कोर्ट ने सरकारी विभागों के कार्यालय परिसर में धूम्रपान रोकने के लिए भी दिशा निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने के लिए विभाग के मुखिया के निर्देशन में एक कमेटी गठित की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सभी विभागों को चालान बुक भी मुहैया कराई गई थी, ताकि धूम्रपान करता हुआ पाए जाने पर उसका चालान काटा जा सके। चालान संबंधी रिपोर्ट तैयार कर समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी जानी थी। जिससे यह पता लग सके कि उक्त विभाग ने कितने लोगों के चालान काटे है। परंतु विभाग द्वारा चालान नहीं काटे जा रहे है। जबकि कार्यालयों में धुएं के उड़ते हुए छल्ले आम देखे जा सकते है।