डेढ़ लाख कंज्यूमर दबाए बैठे हैं 307 करोड़ रुपए

फरीदाबाद.दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को बिल न जमा करने वाले बकाएदारों से वसूली करने में पसीना रहा है। सख्ती बरती गई, अभियान भी चलाया गया, लेकिन रिजल्ट ज्यादा अच्छा नहीं रहा। डिफाल्टर्स से बिल वसूलने और बिजली चोरी रोकने में नाकाम रहने पर फरीदाबाद सर्कल को पूअर ग्रेड मिला है।बिजली निगम का डेढ़ लाख से अधिक कंज्यूमर पर 307 करोड़ रुपया बकाया है।
307 करोड़ रुपए बकाया :बिजली निगम के फरीदाबाद-सर्कल में करीब एक लाख 70 हजार कंज्यूमर पर 307 करोड़ रुपए का बिल बकाया है। इनमें फरीदाबाद के कनेक्टेड व डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर पर 149 करोड़ रुपए का बिल बकाया है, जबकि बल्लभगढ़ में 100 करोड़ रुपए बकाया है। पलवल के कंज्यूमर पर 58 करोड़ रुपए बकाया हैं।
डिस्कनेक्टेड पर अधिक बकाया :इसमें कनेक्टेड कंज्यूमर पर लगभग 139 करोड़ बकाया है, जबकि डिस्कनेक्टेड पर 168 करोड़ रुपया बकाया है। डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। बिजली निगम की लापरवाही यह रही कि पहले तो वह आंख मूंदे रहा और जब उसकी नींद खुली तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इन कंज्यूमरों के कनेक्शन जब काटे गए उन पर 168 करोड़ रुपए से ऊपर का बकाया हो चुका था।
एमडी ने जताई नाराजगी :पिछले दिनों डीएचबीवीएन के एमडी एसके सचदेवा के साथ मीटिंग में अधिकारियों ने जिले में चल रही डिफॉल्टिंग रिकवरी अभियान व बिजली चोरी अभियान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसे देखने के बाद सचदेवा ने असंतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कनेक्टेड व डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर पर रिकवरी अभियान में तेजी लाई जाए।
टीमों का गठन कर इन्हें कार्य पर लगाया जाए, ताकि रिकवरी का ग्राफ बेहतर और बिजली चोरी पर भी लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा पहले कनेक्टेड कंज्यूमर से वसूली की जाए। इसके बाद डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर पर शिकंजा कसा जाए। फरीदाबाद के एसई संजीव चोपड़ा के अनुसार कनेक्टेड कंज्यूमर से रिकवरी पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इसके बाद अगला टारगेट डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर से रिकवरी का होगा।






