सैनिक कॉलोनी बसाने वाली सोसायटी का लाइसेंस रद्द
Source: bhaskar news | Last Updated 02:35(07/02/12)
फरीदाबाद. तीन सौ एकड़ में फैली सैनिक कॉलोनी बसाने वाली सोसायटी का टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब यह पूरी कॉलोनी विभाग के अंडर में रहेगी। कॉलोनी को जल्द ही विभाग टेकओवर कर लेगा। सोसायटी पर ईडीसी (बाह्य सुविधा शुल्क), समय पर डेवलपमेंट न करने के साथ ही लाइसेंस रिन्यू न कराने के आरोप हैं। अब भविष्य में ऐसी सोसायटियों के लाइसेंस पर रोक लगाने का विचार भी किया जा रहा है।
फंस गए 36 करोड़ रुपए : 1991 में सैनिक कॉलोनी को विकसित करने की योजना तैयार की गई। यह कॉलोनी करीब 300 एकड़ में फैली है। फिलहाल वहां 1500 से अधिक घर हैं और काफी संख्या में प्लॉटिंग हो चुकी है। कॉलोनी काटने के बाद ईडीसी को लेकर कॉलोनाइजर व सरकार के बीच ठन गई। उस समय सरकार के रेट के अनुसार ईडीसी 165 रुपए प्रति वर्गगज के हिसाब से तय की गई थी लेकिन कॉलोनाइजर इतनी ईडीसी देने को तैयार नहीं थे।
कॉलोनाइजरों ने 100 रुपए प्रति गज के हिसाब से ईडीसी सरकार के पास जमा करानी शुरू कर दी और नक्शे पास होने के लिए आवेदन किया।सरकार नहीं मानी तो मामला हाईकोर्ट चला गया।हाईकोर्ट में इस मामले पर कोई निर्णय नहीं हो सका। इसलिए सरकार का आदेश मिलने के बाद 2005 में जिला नगर योजनाकार विभाग ने नक्शे पास करना बंद कर दिया। नक्शे पास न होने के बाद लोगों ने कंप्लीशन भी नहीं लिया। जिला नगर योजनाकार विभाग के पास 45 नक्शे पेंडिंग रह गए थे।
अब क्या करेगा विभाग : सैनिक कॉलोनी से अब सोसायटी का कोई लेना-देना नहीं है। लाइसेंसशुदा कॉलोनियों व सोसायटी को लाइसेंस देने वाला टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अब सैनिक कॉलोनी में खाली पड़ी साइटों की नीलामी करेगी।
उससे वह सबसे पहले ईडीसी के पेंडिंग 36 करोड़ रुपए वसूलेगा। अब प्लॉटधारकों का सीधा संबंध विभाग से होगा। वहां क्या और कहां प्लानिंग करनी है यह विभाग तय करेगा।जल्द ही विभाग अपने नोटिस बोर्ड पर भी इसे चस्पा
कर देगा।