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वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला...

Matrix News | Jan 19, 2013, 06:04AM IST
 
 

भास्कर न्यूज -!- फतेहाबाद
साहिब मेरा दीन दयाल, वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला, आदि शब्द कीर्तन के माध्यम से भाई बलजीत सिंह रागी जत्था ने गुरु की बाणी सुनाई। मौका था गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा सिंह सभा में सजाए गए दीवान का। रोपड़ से आए प्रिंसिपल हरभजन सिंह ने गुरमत विचार सांझे किए तथा सिख इतिहास के बारे में बताया कि किस तरह गुरुओं ने देश और कौम की रक्षा के लिए कुर्बानियां दी।
उन्होंने बताया कि गुरू गोबिंद सिंह ने देश की रक्षा के लिए सिख पंथ की स्थापना की थी तथा अमृत छकाकर पांच प्यारे बनाए थे जिन्होंने गुरु गोबिंद सिंह को अमृत छकाकर सिख बनाया था, इस दौरान एक सिख ने गुरू गोबिंद सिंह से पूछा कि गुरुजी आप सिख बन रहे हो तो ये बात बात नहीं हुई कि एक शिष्य भी एक सिर दे और गुरू भी एक सिर दे तो गुरु गोबिंद सिंह ने कहा था कि जब भी जरूरत पड़ेगी तो मैं अपने पूरे परिवार को देश पर वार दूंगा। गुरु गोबिंद सिंह के साहबजादों ने भी धर्म के लिए गुरु जी की तरह ही अपने आपको कुर्बान कर दिया लेकिन मुगल शासकों के सामने झुकना मंजूर नहीं किया। कार्यक्रम में ढाडी जत्था भाई गुरचरण सिंह चरण ने ढाडी वारों के साथ गुरु की बाणी का गुणगान किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एसएस मल्होत्रा, सचिव महेंद्र सिंह वधवा, कुलवंत सिंह महेंद्र सिंह ग्रोवर, विर्क, दर्शन सिंह रावल,गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान एसएस मल्होत्रा, सचिव महेंद्र सिंह वधवा, बलजीत सिंह जोहल, राजमोहर सिंह, जसपाल सिंह, अवतार सिंह, गुरमीत सिंह, गुरबख्श मोंगा, एसएस थिंद सहित अनेक लोग उपस्थित थे। संगतों के लिए गुरु का अटूट लंगर भी चलाया गया।
गुरू गोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव मनाया
टोहाना -!- सिख धर्म के दसवें गुरू गोबिंद सिंह का 346वें प्रकाशोत्सव श्रद्धा भक्ति व धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा सिंह सभा, गुरुद्वारा बाबा बंदा बहादुर, गुरुद्वारा दु:ख निवारण साहब व हरी ज्ञान मंदिर में दीवान सजाए गए, शब्द -कीर्तन किए गए तथा पंजाब से आए रागी जत्थे ने गुरू गोबिंद सिंह के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाकर श्रद्घालुओं को निहाल किया। सभा प्रधान अवतार सिंह नांगला ने आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते कहा कि गुरु गोबिंद सिंह की कुर्बानी पूरे विश्व में बेमिसाल है। समाजसेवी देवेंद्र सिंह बबली के भाई विनोद कुमार ने बधाई देते हुए उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। ग्रंथी भाई आज्ञापाल ने अरदास करवाई। पूर्व पालिका प्रधान बलवंत सिंह, जितेंद्र \'वाला, गुरबख्श सिंह, गुरभजन सिंह, गुरदीप भट्टी, हाकम सिंह, कर्मसिंह, बलविंद्र सिंह आदि ने भी माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। गुरुद्वारा दु:ख निवारण साहब में शिरोमणि अकाली दल जिला प्रधान सुखविंद्र सिंह खालसा, छबील दास डांगरा, बलवीर सिंह बहल, सतरूप डांगरा, बाबा अमृतपाल, रमेश कांसल, डॉ. मनमोहन गिल, चरणजीत सिंह, मल सिंह व गुरपाल नैन उपस्थित थे।
बलियाला -!- क्षेत्र में शुक्रवार को गुरूपर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर गुरूद्वारों में रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला व भोग के उपरांत गुरु का अटूट लंगर चलाया गया। क्षेत्र के लधुवास, खैरपुर, बोड़ा, कलोठा, अलीका सहित अनेक गांवों के गुरुद्वारों में गुरुपर्व मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान पहुंचे श्रद्धालुओं ने माथा टेका व गुरु का लंगर ग्रहण किया। इस मौके पर बाबा गुरदीप सिंह, पंच हरदीप सिंह, ज्ञान सिंह, सुरजीत सिंह, मोहन सिंह, तरसेम सिंह, जसवंत सिंह सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।
पाठ का भोग डाला
रतिया -!- गुरुद्वारा गुरु ग्रंथ साहिब में शुक्रवार को 10वें पातशाह गुरु गोबिंद सिंह का जन्मदिवस बड़ी श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 16 जनवरी को रखे गए अखंड पाठ का भोग भी डाला गया तथा बाद में गुरु का अटूट लंगर भी चलाया गया।
 

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