निगम बन गया दबंग, पब्लिक हो रही तंग

पानीपत. 'मुझे तीन घंटे हो गए लाइन में खड़े हुए। अभी दो घंटे और लगेंगे। उस समय तक खिड़की बंद हो जाएगी। हम पैदा हुए थे, इसका प्रमाण लेने के लिए हमें कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।'
यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि नगर निगम कार्यालय में आए सैकड़ों महिला व पुरुषों की दास्तां है। ऐसा सोमवार को ही नहीं हुआ, बल्कि रोज की ही कहानी है।
कुछ दिन पहले ही भास्कर ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोली थी। लोगों ने सवाल उठाया था कि जब तीन दिन का समय निर्धारित है तो क्यों नहीं समय पर काम होता।
भास्कर वालों, प्लीज मत जाओ
लाइन में लगे लोग भास्कर संवाददाता को कहने लगे कि 'भास्कर वालों, थोड़ी देर रुक जाओ। कहीं ऐसा न हो, आप चले जाओ और निगम कर्मी खिड़की बंद कर दें।'
ऐसा ही हुआ। संवाददाता के जाते ही खबर आई कि कर्मियों ने खिड़की बंद करके कहा, 'जाओ बुला लो जिसको मर्जी अब कल खुलेगी खिड़की।'






