Home » Haryana » Faridabad » Creepy Eyes Moving Scene

आंखों के सामने घूम रहा है खौफनाक मंजर

अनीता भाटी | Dec 12, 2012, 02:28AM IST
फरीदाबाद.  नहीं पता था, जहां हम पेट भरने के लिए मेहनत करने जा रहे हैं, वहां मौत हमारा इंतजार कर रही है। मैं और मेरे पति साथियों के साथ हंसी-मजाक करते हुए काम कर रहे थे।
 
लंच होने वाला था,  लेकिन पल झपकते ही सब कुछ खत्म हो गया। चारों ओर से दर्द भरी चीखें आने लगीं। पहले तो समझ नहीं आ रहा था क्या हो गया, पर जब मैंने हिलने की कोशिश की तो उठ नहीं पाई। ऊपर देखा तो एक बड़ा पत्थर और मलबा मेरे ऊपर पड़ा था.। यह आपबीती दर्द व डर से कंपकंपाती आवाज में रेखा ने बताई। रेखा उस निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में अपने पति कमलेश के साथ मजदूरी कर रही थी। उसका एक साल का बेटा भी वहीं बैठा था।
 
बिल्डिंग गिरने से पहले रेखा उसे बाहर पार्क में बैठा आई थी, क्योंकि वह बार-बार मिट्टी में आ रहा था। जैसे वह अंदर गई एक तेज आवाज के साथ पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई। इसमें रेखा और उनके पति कमलेश को गंभीर चोटें आई हैं। 
 
 कमाने के लिए आए थे, पर..
 
उस बिल्डिंग में अमरदीप भी काम कर रहा था। उसने बताया कि 10 दिन पहले ही वह बिहार के पूर्णिया से पैसे कमाने के लिए फरीदाबाद आया था। दोस्तों की सहायता से मजदूरी का काम मिल भी गया। अभी दो दिन से ही उन्होंने काम शुरू किया था।
 
मां-बाबू जी को बताया था, बहुत खुश थे वे। अपना ध्यान रखने के लिए बोल रहे थे। यह बोलते-बोलते अमरदीप के आंसू निकल पड़े। अमरदीप के पैर व हाथों पर अधिक चोटें आई हैं। घटना के दौरान अमरदीप मिस्त्री तक मलबा पहुंचाने का काम कर रहा था। वह दूसरी मंजिल पर था। जब होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया।
 
मासूम को थी मां-बाप की तलाश
 
इस घटना को सबसे अधिक चोट तीन मासूमों को पहुंचाई, लेकिन उन्हें इस बात को बिल्कुल आभास नहीं था कि उनके मां-बाप उनके पास नहीं हैं। घटना के पांच घंटे बाद तक मजदूर उर्मिला व भोला का पता नहीं लगा पाया था। उन दोनों के मलबे के नीचे दबे होने की संभावना जताई जा रही थी।
 
हादसे के दौरान उर्मिला व भोला के तीन मासूम बच्चे निर्माणाधीन इमारत से थोड़ी दूरी पार्क में बैठे थे। हादसे के दौरान पुलिस व डॉक्टर्स की टीम उन बच्चों को बीके अस्पताल ले आई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनके माता-पिता का पता नहीं लग पाया था। तीनों मासूम एक बेड पर रजाई के नीचे बैठे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके मां-बाप कहां हैं। बात करने पर मुस्कुरा जाते और रजाई में घुस जाते। पर उन्हें यह अहसास भी नहीं था कि उनके मां-बाप कहां हैं.पर उनकी नजरें उन्हें ही ढूंढ रही थीं।
Modi Quiz
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
2 + 5

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment