गुड़गांव. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को नई चुनौतियों से मुकाबले के लिए खुद को सक्षम बनाना होगा। खुफिया जानकारी एकत्र करना इंटेलीजेंस ब्यूरो और राज्य पुलिस का काम है। लेकिन, नक्सलवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए सीआरपीएफ से संबंधित सुरक्षा कार्यो में इंटेलीजेंस जरूरी है। ये बातें केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कही। वे कादरपुर स्थित सीआरपीएफ परिसर में इंटेलीजेंस सेल का उद््घाटन करने के बाद जवानों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीआरपीएफ अकादमी के वेबसाइट और परिसर में बने सीआरपीएफ अस्पताल के नवनिर्मित भवन का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर चिदंबरम ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कार्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। सीआरपीएफ को जम्मू-कश्मीर और पूवरेत्तर राज्यों में आतंकी गतिविधियों से निपटना होता है।आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटने में खुफिया जानकारी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में जवानों को और और पेशेवर एवं सक्षम बनाना होगा। उन्होंने सीआरपीएफ के कार्यो की सराहना करते हुए जवानों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इंटेलीजेंस सेल जवानों को और प्रखर बनाने में मदद करेगी।
सीआरपीएफ के महानिदेशक के. विजय कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि इंटेलीजेंस विद्यालय को स्वीकृति देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी प्रेरणा से ही प्रशिक्षण संस्थानों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को समर्थन मिला है। इससे बल के अधिकारी और अधिक पेशेवर तरीके से काम करने में सक्षम होंगे। इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक पीएम नैयर ने इंटेलीजेंस सेल के बारे में एक पावर प्वांइट प्रजेंटेशन दिया। सीआरपीएफ परिसर में में इंटेलीजेंस विद्यालय की स्थापना के साथ ही अब इस बल में निदेशालय से लेकर यूनिट स्तर तक का अपनी समेकित इंटेलीजेंस प्रणाली होगा। इससे सीआरपीएफ को खुफिया सूचनाएं बिना रुकावट के सीधे मिल पाएगी।
इस प्रशिक्षण केंद्र में सीमा सुरक्षा बल, इंटेलीजेंस ब्यूरो, रॉ, मिल्रिटी इंटेलीजेंस और सीबीआई के अधिकारी प्रशिक्षण देंगे। गृह मंत्रालय ने हाल ही में खुफिया तंत्र के लिए सिपाही से लेकर कमांडेंट तक के 468 पद स्वीकृत किए हैं। सीआरपीएफ ने सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत आईजी को खुफिया प्रकोष्ठ का कंसलटेंट नियुक्त कर इंटेलीजेंस सेल स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जवानों ने दिखाए कौशल
कार्यक्रम में बीएसएफ के जवानों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। आतंकवादियों से निपटने और अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर जवानों ने उपस्थित लोगों को चांैका दिया। सभी ने गर्व और उल्लास के साथ तालियां बजाकर जवानों का हौसला बढ़ाया।