रोहतक. वह एमएससी कंप्यूटर करना चाहता था। दो बार एमडीयू से पेपर भी दिए, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। आखिरकार दोस्त के पास पहुंचा और फर्जी तरीके से मार्कशीट तैयार कर ली, लेकिन फार्मूला कामयाब नहीं रहा।
अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अब दोनों पुलिस की गिरफ्तारी से बचने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। ऐसे में दूसरे विद्यार्थियों को भी सबक लेना चाहिए कि मेहनत के बल पर ही कामयाबी हासिल की जा सकती है। शॉर्टकट रास्ता हमेशा महंगा पड़ता है।
पुलिस के मुताबिक एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच के असिस्टेंट रजिस्ट्रार हरिसिंह ने रिपोर्ट भेजी है कि करनाल की शिव कॉलोनी निवासी आशीष कुमार पन्नू ने जुलाई 2004 में एमएससी कंप्यूटर परीक्षा दी थी, जिसमें वह फेल हो गया। 2006 में उसने दोबारा परीक्षा दी, लेकिन कामयाब नहीं हो सका।
15 दिसंबर 2011 को आशीष ने एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच में एमएससी कंप्यूटर की एक मार्कशीट सीरियल नंबर 184361 जमा करवाई और डिग्री लेने के लिए आवेदन किया। जांच के दौरान मार्कशीट फर्जी पाई गई। एमडीयू की रिपोर्ट में कहा गया है कि आशीष कुमार को रिजल्ट ब्रांच में बुलाया गया। जब उसे बताया गया कि यह मार्कशीट तो फर्जी है तो उसने पूरी कहानी से पर्दा उठा दिया।
सोनीपत से जुड़े हैं तार
पुलिस सूत्रों की माने तो एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच मामले की गहराई से जांच कर चुकी है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार हरिसिंह ने भेजी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आशीष ने बताया था कि उसने यह मार्कशीट सोनीपत के सुभाष चौक स्थित एक एजूकेशन सेंटर से तैयार करवाई है, जिसे उसका दोस्त अनिल कुमार चलाता है। ऐसे में पुलिस ने एफआईआर में अनिल कुमार को भी नामजद किया है।