फरीदाबाद. सूरजकुंड मेले में सोमवार को बड़ी संख्या में विदेश पर्यटक पहुंचे। अरावली की गोद में बसे इस सतरंगी मेले को देख पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गए। मेले का रंग चढ़ने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में वृद्ध जारी है। रविवार तक 2 लाख 25 हजार पर्यटक मेला देखने पहुंच चुके हैं। सोमवार को लगभग 25 हजार पर्यटकों ने मेले का लुत्फ उठाया। इनमें से ज्यादा संख्या विदेशी सैलानियों की थी। मेला देखने पहुंचे विदेशी सैलानी देश के विभिन्न प्रांतों से आए शिल्पकारों की कारीगरी को देख आश्चर्यचकित रह गए। इनलोगों ने जमकर खरीददारी भी की।
हू ला ला..: आपने ऊ ला ला.. जरूरी सुनी होगी।डर्टी पिक्चर के इस गाने की चारों ओर धूम मची हुई है। लेकिन, हस्तशिल्प मेले में हू ला ला.. का जादू देखने को मिल रहा है। इस धुन पर कांगो के कलाकार जब प्रस्तुति देते हैं तो दर्शक वन्स मोर-वन्स मोर कहे बिना नहीं रह पाते हैं। भाषा समझ में नहीं आने के बावजूद हर कोई इस धुन पर नाचने लगता है। जंगली वेशभूषा में कांगो के कलाकारों के चौपाल पर अवतरित होते ही पूरा दर्शक दीर्घा उल्लास से झूम उठाता है। सोमवार को चौपाल पर उज्बेकिस्तान की लकड़ियों ने भी पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया। पंछी नृत्य और बिहू ने भी रंग जमाया। बृज की होली और मयूर नृत्य के तो पर्यटक दीवाने हैं।
सार्क स्टालों पर उमड़ी भीड़ : श्रीलंका का मुखौटा, मालदीव के परिधान के दीवाने मेले में आ रहे हैं। बच्चों को श्रीलंका का मुखौटा खूब भा रहा है। सार्क पेवेलियन में आकर नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के स्टाल पर पर्यटक जाना नहीं भूलते। साकेत से आए दीप शंकर ने बताया कि यहां काफी वैरायटी है। बाजार की तुलना में यहां प्राइस अधिक है। लेकिन, मोल-जोल के बाद कुछ पैसे कम कर दे रहे हैं। श्रीलंका में निर्मित जंगली मुखौटा पहनकर बच्चे काफी उत्साहित हो रहे हैं। इसके साथ अपना फोटो खिंचवाना भी नहीं भूल रहे कांगो के स्टाल पर भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।
हरियाणवी गीत-संगीत : चौपाल सहित मेला परिसर में विभिन्न जगहों पर सोमवार को हरियाणवी गीत संगीत का जलवा देखने को मिला। बंचारी के ढोल नगाड़े की थाप पर युवक-युवती खूब नृत्य कौशल दिखा रहे हैं। चौपाल पर हरियाणवी गीत ने समा बांध दिया। रंग-बिरंगी परिधान में सजी लड़कियों ने हरियाणवी गीत सुनाए। दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने भी जमकर ठुमके लगाए।