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पूर्व सरपंच व गनमैन की गोलियों से छलनी कर हत्या
भास्कर न्यूज | Apr 28, 2012, 00:09AM IST
हमलावर सभी को मृत समझ दो कारों में सवार होकर गांव जाटल गांव की ओर फरार हो गए। पूर्व सरपंच 15 अप्रैल, 2009 को हुए अपने पुत्र सुशील की हत्या मामले में शुक्रवार सुबह गवाही देने कोर्ट जा रहे थे। घटना का पता लगते ही एडीजीपी लायन आर्डर महेंद्र पाल, आईजी आलोक मित्तल पानीपत पहुंचे।
नारा निवासी पूर्व सरपंच कुलदीप (50), उसका चचेरा भाई चंद्र (60), गांव का ही राजेश (35) और जींद के गांव खरल निवासी गनमैन रामनिवास (30) मारुति कार से पानीपत के लिए निकले थे। चंद्र और राजेश ने बताया कि वे सुबह करीब 7:30 बजे घर से चले और सीधे मतलौडा थाने पहुंचे।
यहां पहुंचने के बाद पूर्व सरपंच कुलदीप ने मतलौडा थाना प्रभारी विक्रम मान से कहा कि आज सुशील हत्याकांड मामले में गवाही है। इसलिए उन्हें और सिक्योरिटी दी जाए। विक्रम मान ने कहा कि उनके पास ज्यादा फोर्स नहीं है। सिक्योरिटी के लिए पहले ही एक कांस्टेबल आपके साथ है।
करीब आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद भी जब थाना प्रभारी ने सिक्योरिटी नहीं दी तो वे लोग पानीपत के लिए बिना सिक्योरिटी के ही रवाना हो गए। थाना मतलौडा की सीमा पार करने के बाद सुबह 8:40 बजे पर गुरु गोबिंद स्कूल के पास पीछे से आ रही एक क्रूजर गाड़ी ने मारुति कार को टक्कर मार दी। उनकी कार सड़क से नीचे उतर गई। इससे पहले कि वे संभल पाते क्रूजर और उसके पीछे आई स्विफ्ट कार से करीब 8-10 हथियार बंद लोगों ने कार से उतरकर उनकी कार पर फायरिंग शुरू कर दी।
कुछ देर तक फायरिंग करने के बाद हमलावर चारों लोगों को मृत समझ क्रूजर को घटना स्थल पर ही छोड़ दो कारों में सवार होकर गांव जाटल की ओर फरार हो गए। घटना में पूर्व सरपंच कुलदीप और हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल रामनिवास की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राजेश व चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल राजेश ने बताया कि हमलावरों के जाने के बाद उन्होंने मतलौडा पुलिस को फोन पर सूचना दी। पुलिस ने दो मिनट में आने की बात कही। इसके बाद उन्होंने सूचना 100 नंबर पर और अपने परिजनों को सूचना दी। घटना के आधे घंटे बाद भी मतलौडा पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे परिजन और पानीपत पुलिस ने स्कूल के पास तड़प रहे राजेश व चंद्र को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने दोनों की हालत को देखते हुए उन्हें रोहतक रैफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया।
सूचना मिलते ही एसपी केके राव, एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह, डीएसपी राजबीर हुड्डा, डीएसपी वीरेंद्र विज, डीएसपी, प्रदीप श्योकंद, डीएसपी तान्या व कई थानों के प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों घायलों के बयान दर्ज कर नारा निवासी सोरण, राजू, नवीन, मोनू, दिनेश, प्रवीन, नरेश, सुरेंद्र व पांच अन्य के खिलाफ धारा 148, 149, 302, 307, 120बी और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी।





