डीएफओ का कहना है कि किसानों ने फसलों की रखवाली के लिए रखवाले रखे हुए हैं। रखवालों के पास बंदूक व अन्य तरह के हथियार हैं।
गांव झलनिया व बोस्ती में दो हिरणों का शिकार हुआ है। दोनों घटनाओं में रखवालों ने गोली मारी है। डीएफओ ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि वे पुलिस से रखवालों की चेकिंग करवाएं। उनकी बंदूकों व अन्य हथियारों को चेक करें। जिनके पास अवैध हथियार हैं, उनके चालान किए जाएं। डीएफओ का कहना है कि विभाग ने अब सरपंचों से उनके गांव में रखे गए सभी रखवालों का ब्योरा मांगा है, ताकि उनके बारे में पूरी जानकारी रखी जा सके।
किसानों को भी रखवालों बारे पूरा ब्योरा देने की अपील की गई है। उन्होंने निरीक्षकों व रक्षकों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी समय-समय पर फील्ड में जाकर निगरानी रखें। साथ में लोगों को भी इस बारे में जागरूक करें।
इस सर्वे को लेकर डीएफओ ने बुधवार को फतेहाबाद और सिरसा का दौरा भी किया। उन्होंने कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से भी हिरणों को बचाने की मुहिम में मदद ली जाए। खेतों में बाढ़ के रूप में लगाई जालियां हटाने के लिए किसानों को मनाया जाए। इससे कुत्ते हिरणों को घेर नहीं पाएंगे।