फरीदाबाद. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में 29 साल पहले बेशकीमती दो एकड़ जमीन अधिग्रहित करने के बाद भी उस पर कोई प्लानिंग न करने का एक मामला सामने आया है। इस जमीन पर विकास कार्य के लिए कोई प्लानिंग ही नहीं तैयार की गई।हाल ही में इस जमीन पर कब्जे की शिकायत जब हुडा अधिकारियों को मिली तो हड़कंप मच गया।
हुडा अधिकारियों की लापरवाही के चलते वर्तमान में इस जमीन पर कब्जे हो गए हैं। जानकारी होने पर हरकत में आए हुडा अधिकारी अब जमीन का रिकॉर्ड खंगालने में जुटे हैं।यह भी पता लगाया जा रहा है कि आख्रिर इस जमीन के लिए प्लानिंग क्यों नहीं की गई।हैरत की बात तो यह है कि जमीन की प्लानिंग से संबंधित जानकारी जिला नगर योजनाकार विभाग में भी नहीं है।
यहां है जमीन : पल्ला नंबर-दो तिलपत रोड झड़िया मार्केट के पास हुडा की दो एकड़ जमीन है। वर्तमान रेट के अनुसार इस जमीन की कीमत 15 करोड़ रुपए से अधिक है। यह जमीन हुडा ने 29 साल पहले 1973 में अधिग्रहित की थी। इसके बाद जमीन पर कोई प्लानिंग नहीं हुई। जिससे इस पर अवैध कब्जे हो गए। आश्x52द्भ;चर्यजनक बात यह है कि जब हुडा अधिकारियों ने डीटीपी संजीव मान के पास शिकायत भेजकर प्लानिंग की जानकारी मांगी तो वहां इस जमीन का रिकॉर्ड ही नहीं था।
क्या कहते हैं लोग : नगर निगम के पूर्व पार्षद बिल्लू यादव, त्रिलोकचंद, पवन, सुनील कुमार, नरवीर, प्रेमपाल, चेतन, पूरण सिंह का कहना है कि हुडा ने झड़िया मार्केट के पास सन 1973 में दो एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। लेकिन जमीन पर अभी तक कोई प्लानिंग नहीं की गई।
खाली जमीन होने के कारण स्थानीय लोग इसको शादी व अन्य समारोह में प्रयोग करते हैं।हाल में इस जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं।इसकी शिकायत हुडा अधिकारियों को दी गई है। वे चाहते हैं कि इस जमीन पर स्थानीय लोगों के लिए कम्युनिटी सेंटर का निर्माण हो।
कब्जे की भरमार : हुडा के शहर में 34 सेक्टर हैं। रिकार्ड के अनुसार हुडा की लगभग 107 एकड़ जमीन पर कब्जे हैं। इसमें सेक्टर के साथ-साथ मार्केट भी शामिल हैं जहां अवैध रूप से कब्जा किया गया है।