विज्ञापन
 
 
 
 

चालान काटने में ग्रामीण थाने पिछड़े

 
Source: प्रवीन कौशिक   |   Last Updated 02:38(09/02/12)
 
 
 
 
विज्ञापन

 फरीदाबाद.   शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा अभियान असर छोड़ने में नाकाम रहा है। शहरी थाना क्षेत्रों में अभियान को कुछ सफलता मिली है।लेकिन, ग्रामीण थाना क्षेत्रों में अभियान फिसड्डी साबित हो रहा है। जनवरी माह में काटे गए चालान के आंकड़े इसके सबूत हैं। छायंसा थाने की पुलिस पूरे महीने में केवल सात चालकों को शराब पीकर वाहन ड्राइव करते ही पकड़ पाई। पुलिस कमिश्नर ने ग्रामीण क्षेत्रों के इस प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है।



सुनिए इनकी
वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र भड़ाना, संजय अधाना, डीपी भड़ाना आदि का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ज्यादा लोग शराब पीते हैं।इसके बावजूद अभियान को सफलता नहीं मिलना पुलिस की चुस्ती पर सवाल उठाता है।इनलोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में पुलिसकर्मी चालान काटने की बजाए कुछ ले देकर मामला रफा-दफा करने में जुटे रहते हैं।दूसरी ओर, भूपानी थाने के एसएचओ सत्यवीर का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग गांव में ही शराब पीते हैं।इसके अलावा शहर से आने वाले ऐसे ग्रामीणों का चालान उनके थाना क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही कट जाता है।इसके अलावा, चालान की संख्या ग्रामीण और शहरी जीवनशैली के बीच बड़े फर्क को भी बयां करती है।



क्या हैं नियम?
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का चालान किया जाता है। नियमानुसार 29 एमएल तक शराब पीकर गाड़ी चलाना वैध है। इसके बाद 30 से 99 एमएल तक चालान किया जाता है। 100 एमएल या इससे अधिक शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले को हवालात में बंद करने का प्रावधान है। चालकों का कम से कम दो हजार रुपए का चालान काटा जाता है और उन्हें कोर्ट में दो से चार घंटे खड़े रहने की सजा भी दी जा सकती है।



 ग्रामीण इलाकों में भी पूरी तरह से नाकेबंदी की गई है। अक्सर ऐसा होता है कि ड्यूटी से लौटने वाले शराबी वाहन चालकों का चालान शहर में ही कट जाता है। उनके पास ऐसे चालकों के चालान काटने के मौके ही कम आते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में नाकों से बचकर निकलने के भी कई रास्ते होते हैं। चालान काटने में पुलिस कोई कोताही नहीं बरत रही है।
दयानंद, थाना प्रभारी, तिगांव
  शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। अभियान वाहन चालकों की जान की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। प्रति माह सभी थाना स्तर पर मीटिंग कर चालान काटने का जायजा लिया जाता है। कम चालान काटने के संदर्भ में जवाब मांगा जाता है। चालान काटने में लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी थाना प्रभारी को अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं।
शत्रुजीत सिंह कपूर, पुलिस कमिश्नर


 


थाना  कुल चालान ड्रंकन का चालान
सराय ख्वाजा  1200  200
सेक्टर-31  1100       72
कोतवाली 1200  120
सूरजकुंड  900  180
सारन  450  85
सेक्टर-55  450  120
मुजेसर 440  180
तिगांव             90  21
छायंसा            250  07
सेक्टर-7  1300  115
सदर बल्लभगढ़  430  23
सिटी बल्लभगढ़ 1400  200
एनआईटी 1200  90
सेंट्रल 1500  120
भूपानी 420  12
ओल्ड फरीदाबाद 1200  120
एसजीएम नगर  1000  22


 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
9 + 5

 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

Who looks hotter in red bikini?
Premiere of 'Madhubala - Ek Ishq Ek Junoon'
Just Added

ઉફ્ફ,અ'વાદની આ ગરમી
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment