फरीदाबाद. शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा अभियान असर छोड़ने में नाकाम रहा है। शहरी थाना क्षेत्रों में अभियान को कुछ सफलता मिली है।लेकिन, ग्रामीण थाना क्षेत्रों में अभियान फिसड्डी साबित हो रहा है। जनवरी माह में काटे गए चालान के आंकड़े इसके सबूत हैं। छायंसा थाने की पुलिस पूरे महीने में केवल सात चालकों को शराब पीकर वाहन ड्राइव करते ही पकड़ पाई। पुलिस कमिश्नर ने ग्रामीण क्षेत्रों के इस प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है।
सुनिए इनकी
वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र भड़ाना, संजय अधाना, डीपी भड़ाना आदि का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ज्यादा लोग शराब पीते हैं।इसके बावजूद अभियान को सफलता नहीं मिलना पुलिस की चुस्ती पर सवाल उठाता है।इनलोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में पुलिसकर्मी चालान काटने की बजाए कुछ ले देकर मामला रफा-दफा करने में जुटे रहते हैं।दूसरी ओर, भूपानी थाने के एसएचओ सत्यवीर का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग गांव में ही शराब पीते हैं।इसके अलावा शहर से आने वाले ऐसे ग्रामीणों का चालान उनके थाना क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही कट जाता है।इसके अलावा, चालान की संख्या ग्रामीण और शहरी जीवनशैली के बीच बड़े फर्क को भी बयां करती है।
क्या हैं नियम?
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का चालान किया जाता है। नियमानुसार 29 एमएल तक शराब पीकर गाड़ी चलाना वैध है। इसके बाद 30 से 99 एमएल तक चालान किया जाता है। 100 एमएल या इससे अधिक शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले को हवालात में बंद करने का प्रावधान है। चालकों का कम से कम दो हजार रुपए का चालान काटा जाता है और उन्हें कोर्ट में दो से चार घंटे खड़े रहने की सजा भी दी जा सकती है।
ग्रामीण इलाकों में भी पूरी तरह से नाकेबंदी की गई है। अक्सर ऐसा होता है कि ड्यूटी से लौटने वाले शराबी वाहन चालकों का चालान शहर में ही कट जाता है। उनके पास ऐसे चालकों के चालान काटने के मौके ही कम आते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में नाकों से बचकर निकलने के भी कई रास्ते होते हैं। चालान काटने में पुलिस कोई कोताही नहीं बरत रही है।
दयानंद, थाना प्रभारी, तिगांव
शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। अभियान वाहन चालकों की जान की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। प्रति माह सभी थाना स्तर पर मीटिंग कर चालान काटने का जायजा लिया जाता है। कम चालान काटने के संदर्भ में जवाब मांगा जाता है। चालान काटने में लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी थाना प्रभारी को अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं।
शत्रुजीत सिंह कपूर, पुलिस कमिश्नर
थाना कुल चालान ड्रंकन का चालान
सराय ख्वाजा 1200 200
सेक्टर-31 1100 72
कोतवाली 1200 120
सूरजकुंड 900 180
सारन 450 85
सेक्टर-55 450 120
मुजेसर 440 180
तिगांव 90 21
छायंसा 250 07
सेक्टर-7 1300 115
सदर बल्लभगढ़ 430 23
सिटी बल्लभगढ़ 1400 200
एनआईटी 1200 90
सेंट्रल 1500 120
भूपानी 420 12
ओल्ड फरीदाबाद 1200 120
एसजीएम नगर 1000 22