ये लो: श्रम मंत्री के खिलाफ उन्हीं के पोते ने खोल दिया मोर्चा

फरीदाबाद. श्रम मंत्री शिवचरण लाल शर्मा के खिलाफ अब उन्हीं के पोते अनूप शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है।उन्होंने गीतिका शर्मा को लेकर दिए गए श्रम मंत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।
कहा कि मंत्री का बयान उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक है। वह नैतिक रूप से भ्रष्ट हैं।उन्होंने श्रम मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
नीलम-बाटा रोड स्थित एक होटल में शनिवार को पत्रकारों से मुखातिब श्रम मंत्री के पोते और प्रदेश के सहायक महाधिवक्ता अनूप ने कहा कि जो व्यक्ति महिलाओं के प्रति ऐसी सोच रखता है।
उसे राज्यपाल 26 जनवरी को झंडा फहराने की इजाजत न दें। बताते चलें कि मुख्यमंत्री से भी मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। बताते चलें कि अनूप के पिता मुकेश शर्मा नगर निगम के डिप्टी मेयर हैं।
हिरणाकश्यप के घर पैदा हुआ : अनूप ने कहा कि मेरा जन्म हिरणाकश्यप के परिवार में हुआ है। मेरे परिवार के लोग हिरणाकश्यप से कम नहीं हैं। सभी का नैतिक पतन हो चुका है। मेरा सिद्धांत उनसे नहीं मिलता है, इसलिए मैंने परिवार का साथ 3 साल पहले ही छोड़ दिया था।
कहा कि मंत्री ने गीतिका शर्मा पर बयान देकर देश को शर्मसार कर दिया है। अनूप ने मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।
महिला श्रमिकों की चिंता नहीं : वसंत विहार रेपकांड देश और विदेश में सुर्खियां बटोर रहा है। ऐसे में प्रदेश के श्रम मंत्री को आगे आकर महिला श्रमिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे।
लेकिन उनका बयान एक नारी को अपमानित करने के लिए आ रहा है। ऐसी सोच वाले चाहे मेरे दादा ही क्यूं न हों, उन्हें संवैधानिक पद पर नहीं होना चाहिए।
सहायक महाधिवक्ता बनाकर उपकार नहीं किया : जब अनूप से पूछा गया कि आप तो श्रम मंत्री की बदौलत ही सहायक महाधिवक्ता बने हैं तो जवाब दिया, यह करके उन्होंने कोई उपकार नहीं किया।
मैंने भी उन्हें विधायक बनाने के लिए हर दरवाजा खटखटाया है। जब मुझे पता चला कि वे नैतिक रूप से भ्रष्ट हैं, तो मैंने उनका साथ छोड़ दिया।
बचपने में दे रहा है बयान : श्रम मंत्री
पोते के बयान पर श्रम मंत्री शिव चरण लाल शर्मा ने कहा कि विरोधी उसे ऐसा कहने के लिए उकसा रहे हैं। महिलाओं के प्रति मेरे दिल में सम्मान है। मैंने जो कुछ भी बोला था, उसके लिए प्रदेश और देश की जनता से माफी मांग चुका हूं।
किसी को अपमानित करने का मेरा कोई इरादा नहीं था। अनूप केवल दूसरों के बहकावे में ऐसा कह रहा है। वह परिवार का सदस्य है।








