शौर्य दिखा दिया रक्षा का वचन

गुडग़ांव। 16 अक्टूबर 1985 को स्थापित एनएसजी के बहादुर कमांडो की जांबाजी अक्षरधाम, मुंबई कांड जैसे अनेक ऑपरेशनों में दिखती है, लेकिन आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए एनएसजी अपने स्थापना दिवस पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करती है। मंगलवार को 28वें स्थापना दिवस पर एनएसजी ने अब तक के प्रदर्शनों से कुछ अलग करने की कोशिश की। एयरक्राफ्ट को आतंकवादियों से छुड़ाने के पहली बार हुए प्रदर्शन से हजारों लोगों का सीना चौड़ा हो गया।
ब्लैक कैट कमांडोज ने गृह मंत्री के पहुंचते ही सबसे पहले दो बम धमाकों का प्रदर्शन किया। इसमें दिखाया गाया कि इतने खतरों के होने के बाद भी कमांडो आतंकवादियों से कैसे लोहा लेते हैं। हाई जैक बिल्डिंग को आतंकवादियों से कैसे छुड़ाया जा सकता है, इसके बाद कराटे में कमांडोज की महारत और प्रशिक्षित कुत्तों के करतब ने सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद दिखाया गया कि देश के 16 वीवीआईपी परिवारों को किस स्तर की सुरक्षा दी गई है। अगर उन पर सभा के दौरान कोई हमला होता है तो एनएसजी किस तरह उन्हें बचाकर निकाल ले जाती है।
इसके बाद सबसे बड़ा प्रदर्शन कमांडो ने हाई जैकिंग एयरक्राफ्ट को आतंकवादियों से छुड़ाने का किया। प्रदर्शन में ही यह देखकर सब रोमांचित थे कि किस तरह आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए कमांडो हवाई जहाज में बैठे लोगों को सुरक्षित निकाल लेती है और आतंकवादी मार दिए जाते हैं। हजारों लोगों ने यह भी देखा कि आसमान में हजार मीटर से भी ऊपर उड़ रहे हेलिकॉप्टर में से पैराशूट बांधकर किस तरह कमांडो विशेष परिस्थितियों में बिना डर के नीचे जंप लगाते हैं।
हथियारों की प्रदर्शनी : एनएसजी द्वारा प्रयोग किए जा रहे हथियारों की प्रदर्शनी भी यहां लगाई गई। गृह मंत्री ने भी हथियारों की प्रदर्शनी को सराहा। लोगों ने भी प्रदर्शनी में रखी गई विभिन्न प्रकार की राइफलों, बम सुरक्षा ड्रेस व मैगजीनों को न केवल देखा, बल्कि छू कर अहसास भी किया। उन लोगों ने इसके चलाए जाने के तरीके भी कमांडोज से पूछे।
इन्हें मिले मेडल : गृह मंत्री ने शक्ति सिंह, अश्वनी कुमार शर्मा, राजेन्द्र सिंह, सुधानो राय, राजकुमार, जय भगवान, पीएम मोहन आदि अधिकारियों को बेहतर सेवा के लिए पुलिस मेडल से सम्मानित किया। वहीं जोगेन्द्र सिंह को बेस्ट निशानेबाज का खिताब दिया गया। इसके अलावा कमांडो बलजीत सिंह, कैप्टन सुमित आचार्य, हरेन्द्र, सुनील कुमार को अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया।
बेस्ट महिला कमांडो का खिताब रजनी को दिया गया।
शहीद परिवारों को भी किया गया सम्मानित
मुम्बई कांड के बाद अशोक चक्र से नवाजे गए शहीद जोगेन्द्र सिंह की पत्नी विनीता देवी सहित कुल 13 शहीदों के परिजनों को गृह मंत्री ने सम्मानित किया। अन्य एनएसजी शहीदों के परिवार से मेवती देवी, लक्ष्मी देवी, पूर्णी देवी, वैजयंती देवी, मुकेश लता, सरोज बाला, सावित्री, विद्या, मुकेश देवी, अमर सिंह शेखावत, केएस मुर्गेशन आदि उपस्थित हुए और सम्मान ग्रहण किया।
शिंदे के सामने रखी समस्याएं
गृह मंत्री के सामने अनेक लोगों ने समस्याएं भी रखीं। एक महिला ने उस समय उनसे मुलाकात की, जब वे कार्यक्रम के बाद हथियारों की प्रदर्शनी की तरफ जा रहे थे। इसी बीच एक अन्य व्यक्ति ने पहले भी कुछ शिकायतों का समाधान नहीं होने का रोना रोया। दोनों को ही शिंदे ने आश्वासन दिया।









