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सीधी वोटिंग हो जाए तो कलाम ही होंगे राष्ट्रपति
dainik bhaskar news
| Jun 27, 2012, 05:08AM IST

डीसी मोना श्री निवास की अनुपस्थिति में उनके पीए को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब्दुल कलाम से योग्य देश को राष्ट्रपति नहीं मिल सकता क्योंकि वे राजनीतिक व्यक्ति नहीं है। राजनीतिक व्यक्ति के अपने हित हो सकते हैं लेकिन गैर राजनीतिक के नहीं।
डर्टी पॉलिटिक्स के कारण लिया नाम वापस : डीसी कार्यालय में आए विभिन्न समुदाय के लोगों ने कहा कि डर्टी पॉलिटिक्स के कारण कलाम ने अपना नाम राष्ट्रपति की उम्मीदवारी से वापस लिया है, यदि सांसदों के स्थान पर जनता सीधी वोटिंग करे तो अब्दुल कलाम ही फिर राष्ट्रपति होंगे, क्योंकि वे देश की लोकप्रिय शख्सियत हैं। न तो विश्व में उन जैसा कोई वैज्ञानिक है और न ही इंसान। अपने राष्ट्रपति के कार्यकाल में उन्होंने यह सिद्ध किया है कि वे बच्चों को देश का भविष्य मानते हैं और आज भी हर वर्ग आत्मा से उन्हें राष्ट्रपति बनाना चाहता है।
डा. शौकत अंसारी, डा. दिलशाद सैफी, हफीज रहीश, नफीस अहमद, अश मोहम्मद, मेहंदी हसन, मोहम्मद अफजल, रहीश अहमद, मुफ्ती खली, सलीम अहमद, हरीश शर्मा, सतप्रकाश गिरधर, रामस्वरूप, अश्वनी सर्राफ, कमल नयन, सुरेश मित्तल, प्राण रत्नकार, रविंद्र मित्तल, संजय अग्रवाल, नि लेश मित्तल, रमैश थैया, राम निवास गर्ग, अबरार अहमद, अश्विनी श्राफ, आफताब आलम, देवी दयाल, प्रेम गिरधर, हरदीप सिंह, इरफान अली, मोमिन मलिक, सुभाष शैलेट, हारून खान, जुगल आहूजा, सरदार भूपेंद्र सिंह, अजीत खुराच, देवी दयाल, हंसराज सतीजा, ओमप्रकाश माटी, संजय भाटिया, राकेश जौली सहित कई लोगों ने डीसी की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में पीए को ज्ञापन सौंपा।
मुस्लिम कम्यूनिटी के पदाधिकारी फइमुद्दीन सैफी ने भास्कर से बातचीत में कहा कि अब्दुल कलाम एक करोड़ 25 लाख भारतीयों की आवाज हैं, कई लोग अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते लेकिन पानीपत के विभिन्न समुदाय के सैकंडों लोगों ने डीसी को लिखे ज्ञापन में अपनी भावनाएं उजागर की हैं। उन्होंने कहा कि वे बुधवार फिर डीसी कार्यालय जाएंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। हम ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन हमारा मकसद यह है कि डीसी से मिलकर हम अपने मन की बात उनके समक्ष रखें।






