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कृषि क्षेत्र में भागीदार बने प्राइवेट सेक्टर : हुड्डा
Bhaskar News
| Dec 12, 2012, 04:39AM IST

नई दिल्ली. दूसरी हरित क्रांति निजी क्षेत्र के सहयोग के बिना संभव नहीं है। इसलिए निजी क्षेत्र को भी कृषि में भागीदार होना चाहिए। यह तर्क मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली के विज्ञान भवन में सीआईआई द्वारा आयोजित कृषि विकास पर आधारित उच्च स्तरीय सम्मेलन में दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को किया।
हुड्डा ने कहा कि कृषि कारोबार में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। रोजगार के इन अवसरों को हासिल करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप का सहयोग लिया जाना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि कृषि में जहां सरकार स्थितियों को सुविधाजनक बना सकती है, वहीं दूसरी ओर निजी क्षेत्र आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करने, खेती के लिए आवश्यक उपकरण, प्रौद्योगिकी व अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निवेश कर सकता है।
हुड्डा का कहना है कि निजी क्षेत्र के पास अनुसंधान के लिए पर्याप्त साधन और बुनियादी सुविधाएं हैं तो सरकार के पास किसानों तक पहुंचने के लिए विशाल तंत्र मौजूद है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआईआई की राष्ट्रीय कृषि परिषद के अध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने की। योजना आयोग के सदस्य प्रो. अभिजीत सेन व अरुण मायरा, भारतीय किसान एलायंस संघ केपी चेंगल रेड्डी ने भी कृषि को लेकर अपने विचार रखे।






