प्रदेश में सरकार व संगठन का हो रहा निजीकरण : इंद्रजीत
Source: भास्कर न्यूज. | Last Updated 01:19(07/01/12)
गुड़गांव . हरियाणा में कांग्रेस की अंदरूनी जंग जारी है। शुक्रवार को भी गुड़गांव के पार्टी सांसद राव इंद्रजीत के तल्ख तेवर में कमी नहीं आई। अपनी निष्ठा पर सवाल उठाने वाले पार्टी के छह विधायकों को लपेटे में लेते हुए राव इंद्रजीत ने कहा है कि हरियाणा में सरकार और संगठन का निजीकरण किया जा रहा है। विकास, नौकरी और सरकारी संसाधनों में समान भागीदारी की मांग का विरोध करना आश्चर्यजनक है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद ने कहा है कि उनका विरोध करने वाले पार्टी विधायकों ने गुड़गांव में डिफेंस यूनिवर्सिटी का श्रेय मुख्यमंत्री के सहपाठी रहे तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कपूर को दिया है। पार्टी हाईकमान से बड़ा दर्जा मुख्यमंत्री और सेना के रिटायर अधिकारी को देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे साफ है कि कुछ लोग राज्य में सरकार और संगठन को अपने हिसाब से हांकना चाहते हैं। सांसद ने खुद को जनता का प्रतिनिधि बताते हुए जारी बयान में अपना बचाव भी किया है। उन्होंने कहा है कि जनता के साथ हो रहे अन्याय और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना उनकी जिम्मेवारी है।
इसे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं लेना चाहिए। गौरतलब है कि बुधवार को पटौदी में लोगों को संबोधित करते हुए सांसद राव इंद्रजीत ने प्रदेश सरकार पर दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि यदि यही हालात बने रहे तो आने वाले चुनाव में पार्टी के हाथ निराशा लग सकती है। इसके जवाब में गुरुवार को मुख्यमंत्री के समर्थक माने जाने वाले छह पार्टी विधायकों ने कहा था कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में दक्षिण हरियाणा का जितना विकास हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ था।
इनलोगों ने सांसद के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब पार्टी की सरकार होती है तो उनकी नेतृत्व से बनती नहीं है। इन विधायकों में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र, मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह, अनिता यादव, धर्मबीर, राव धर्मपाल और आफताब अहमद शामिल थे। इसके जवाब में जारी बयान में सांसद ने कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, डिफेंस यूनिवर्सिटी, नेशनल हाइवे, मेवात-फरीदाबाद में मेडिकल कालेज आदि केंद्र सरकार की देन है।
इसका श्रेय संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को जाता है। दक्षिणी हरियाणा की जनता उनकी आभारी भी है। ऐसे में दक्षिणी हरियाणा के कुछ विधायक केंद्र सरकार की ओर से दिए गए तोहफों का श्रेय प्रदेश सरकार को कैसे दे रहे हैं, यह उनकी समझ से परे है।