रेग्युलर एक्सरसाइज फिर भी नहीं घटता वजन, जानें क्यों

भोजन में कम फैट या काबरेहाइट्रेड शामिल करते हैं और रेग्युलर एक्सरसाइज भी कर रहे हैं? लेकिन वजन में कुछ खास अंतर नहीं आता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी स्थिति में इसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है।
रोहतक.विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित जीवनशैली के चलते वजन नियंत्रित करने के सारे जतन बेकार हो जाते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में..
कम मसल्स होना
शरीर में पर्याप्त मसल्स नहीं होने पर वजन घटाने में परेशानी होती ही है। वास्तव में मसल्स टिश्यूज पूरे दिन कैलोरी का उपयोग करते रहते हैं। पूरे दिन व्यक्ति की चाहे जो गतिविधि हो, लेकिन मसल्स हमेशा फैट की तुलना में कैलोरी का ही प्रयोग करती हैं।
क्या करें:वेट लिफ्ट करें। हफ्ते में एक बार मसल्स बिल्डिंग करना जरूरी है। हालांकि इससे धीरे-धीरे फायदा होता है, लेकिन इससे होने वाले बदलाव को देखा जा सकता है।
बढ़ती उम्र
उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा होना भी वजन न घटने का मुख्य कारण है। वहीं ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने से भी मेटाबॉलिज्म धीरे काम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक शारीरिक गतिशीलता का अभाव होने के कारण मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, जिससे फैट बढ़ने लगता है।
क्या करें: नियमित योगा, एक घंटे की वॉक और वेट लिफ्ट करें। इसके साथ ही घर के छोटे-मोटे काम खुद ही निपटाएं और ऑफिस में कुछ घंटे के अंतर से ब्रेक लेते रहें।
मेडिसिन भी दोषी
डायबिटीज, डिप्रेशन, हाई बीपी और इनफ्लेमैटरी डिसीज के दौरान ली जाने वाली मेडिसिन भी कई बार वजन कम करने में बाधा बन सकती है। इसके अलावा ये दवाइयां भूख बढ़ाने और शरीर में फैट इकट्ठा करने के लिए भी काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं।
ञ्चक्या करें : ट्रीटमेंट के चलते यदि वजन घटाने के आपके सारे प्रयास बेअसर लगें, तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें। हो सकता है वह आपको मेडिसिन का दूसरा विकल्प लेने की सलाह दे।
बिना सोचे भोजन
कईयों की टेलीविजन देखते हुए डिनर करने की आदत होती है। ध्यान रखें कि ऐसे भी वजन कभी नियंत्रित नहीं हो पाता। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस तरह से अधिक कैलोरी भोजन में शामिल होती है, जिससे वजन बढ़ता है।
क्या करें :टीवी देखते समय जंक फूड खाने से बचें। वहीं कभी भी डिनर करते समय टीवी न देखें और देखते भी हैं तो अपनी डाइट का ध्यान रखें।





