हरियाणा. चंडीगढ़ .हरियाणा के दो कैबिनेट मंत्रियों व एक मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) को पद से हटाए जाने की मांग को लेकर हजकां के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई की तरफ से सोमवार को कोर्ट की अवमानना याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई। याचिका पर जस्टिस एजी मसीह ने दो जनवरी के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। अवकाशकालीन बेंच होने के कारण जज ने नियमित बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए दो जनवरी की तारीख तय की है।
याचिका में हजकां अध्यक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट ने २क् दिसंबर के फैसले में उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए हजकां छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पांच विधायकों की विधानसभा सदस्यता पर स्पीकर को माह में केस का निपटारा करने का निर्देश दिया था। साथ ही खंडपीठ ने कहा था कि इस दौरान पांच विधायक विनोद भयाणा, जिले राम शर्मा, सतपाल, राव नरेंद्र व धर्म सिंह हाउस से अनअटैच रहेंगे। स्पीकर उन्हें हाउस में बैठने के लिए अलग सीटें मुहैया करवाएंगे और इस दौरान ये पांचों किसी पद पर नहीं रहेंगे।
याचिका में कहा गया कि सतपाल और राव नरेंद्र सिंह जहां कैबिनेट मंत्री हैं वहीं विनोद भयाणा सीपीएस हैं। ऐसे में इन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मुख्यमंत्री को भी मामले में प्रतिवादी बनाते हुए कहा गया कि यह अदालत की अवमानना है। अवकाशकालीन बेंच ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई न करते हुए दो जनवरी के लिए नियमित बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई तय की है।