पानीपत. डेरा मंचूरी गांव खोतपुरा निवासी बलबीर हत्या को लेकर मंगलवार को भी गांव में तनाव बना रहा है। मृतक के परिजन इस बात पर अड़े हैं कि जब तक हत्यारोपी सरपंच आज्ञापाल व अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक वे शव का संस्कार नहीं करेंगे। डीएसपी मुख्यालय राजबीर सिंह दोपहर व शाम को डेरे पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि 24 घंटे में हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसलिए वे शव का संस्कार कर दें, लेकिन आक्रोशित परिजन इस पर सहमत नहीं हुए। महिलाओं ने पुलिस को खूब खरी खोटी सुनाई।
सारा दिन पुलिस की सांसें फूली रहीं : बलबीर के शव का 46 घंटे बाद भी संस्कार नहीं किया गया। इससे पुलिस की सारा दिन सांसें फुल रही। पुलिस के आला अधिकारी पीड़ित परिवार की मान मनौव्वल में जुटे रहे, लेकिन वे नहीं माने। मृतक के दामाद धर्म सिंह निवासी रावर (करनाल) ने डीएसपी मुख्यालय राजबीर सिंह के सामने आरोप लगाया कि हत्यारोपी सरपंच खुलेआम घूम रहा है। पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर रही है। उसका आरोप है कि बलबीर की पिटाई से पहले उसका शारीरिक शोषण भी किया गया है। डीएसपी मुख्यालय राजबीर सिंह ने बताया कि उसके नेतृत्व में हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह है मामला : डेरा मंचूरी निवासी सोना देवी ने थाना सदर पुलिस में दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा बलबीर (45) कई महीने से गांव के सरपंच आज्ञापाल के पास मजदूरी पर ट्रैक्टर चलाता था। बलबीर को सितंबर व अक्टूबर 2011 में किए गए 32 दिनों की 9600 रुपए मजदूरी देने से सरपंच ने इंकार कर दिया था। साजिश के तहत खोतपुरा निवासी मल्ली पुत्र रामकुमार 3 फरवरी की शाम को बलबीर को सरपंच आज्ञापाल के खेत में ले गया।
इसके बाद आज्ञापाल, उसके भाई सेठी, नंदी, मल्ली व बबलू पुत्र प्यारे लाल ने बलबीर की जमकर पिटाई की। गांव के कुछ बच्चों ने 4 फरवरी को बजे बलबीर को नग्नावस्था में बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। उसे सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। 6 फरवरी की सुबह बलबीर की मौत हो गई। इस संबंध में सरपंच आज्ञापाल, नंदी, सेठी, मल्ली व बबलू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है।