फरीदाबाद.दिन: बुधवार, स्थान: सूरजकुंड मेला परिसर, मौका : हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन समारोह। बसंत के मौसम में सूरजकुंड की प्राकृतिक छटा के बीच ब्रज की भूमि देख लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार भाव विभोर हो गईं। उन्होंने कहा कि यह मनोहारी दृश्य देश की सभ्यता-संस्कृति को बयां कर रही है।
भारत के विभिन्न रंगों का एक साथ दर्शन करा रही है। मेले का उद्घाटन करने पहुंची लोकसभा अध्यक्ष का परिसर में बने आसाम के अपना घर में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया है।
इससे पूर्व मीरा कुमार ने कहा कि अपनी विविधता की वजह से भारत विश्व में सम्मान पा रहा है। जब बड़े समृद्ध देश आर्थिक संकट की चपेट में आकर धराशायी हो रहे हैं, ऐसे में भारत मजबूत अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है।
इसमें पर्यटन का अहम योगदान है। वे बुधवार को 26वें सूरजकुंड मेले का शुभारंभ करने के बाद चौपाल पर उपस्थित अतिथियों और पर्यटकों को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि इस बार मेले में बड़ी संख्या में देश और विदेश के शिल्पकार आए हुए हैं। इनके साथ सांस्कृतिक दल भी है। शिल्प कला के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।
सूरजकुंड में पर्यटन के साथ सिल्क कला का हुनर देखने को मिलता है। यहां आने वाले लोग विभिन्न संस्कृतियों से परिचित होते हैं। यह काफी सुखद है। पर्यटन ही ऐसा उद्योग है जो प्रदूषण रहित है। मेला परिसर में भी इसका विशेष ध्यान रखा गया है, जो काबिलेतारीफ है।
इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में देश को आगे ले जाने में सूरजकुंड मेले की महत्वपूर्ण भूमिका।
इस बार 11 देशों को यहां आमंत्रित किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं है। निकट भविष्य में इस तरह का प्रयास किया जा रहा है कि इस क्षेत्र में देश के तीन करोड़ लोगों को नया रोजगार मिले। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यहां सभी कलाओं की सतरंगी छंटना देखने को मिलती है।
जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक के शिल्पकार और कलाकार आए हुए हैं। यह हरियाणा के लिए गौरव का विषय है। आसाम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि थीम स्टेट बनकर उनके प्रदेश के सभी शिल्पकार और कलाकार उत्साहित हैं। अतिथियों का स्वागत हरियाणा पर्यटन निगम के एमडी आनंद मोहन शरण ने किया।
कोलिटा दंपती ने किया स्वागत : आसाम के जिला कामरूप से आई निजरा और सुरेश कोलिटा ने मेला परिसर स्थित अपने स्थायी घर में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का पारंपरिक तरीके से मोंगा सिल्क ओढ़ाकर स्वागत किया। कुमार ने अपना घर घूमकर आसाम के ठेठ गंवई परिवेश को देखा। उन्होंने आसाम के आवंटित स्टाल पर जाकर शिल्पकारों से बातचीत की। लकड़ी की टोपी और घर के साज-सज्जा सामानों के बारे में शिल्पकारों से पूछा भी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेला परिसर स्थित चौपाल पर सबसे पहले उज्बेकिस्तान के कलाकारों ने रंग बिखेरा। इसके बाद कांगो, हरियाणा, तजाकिस्तान और अंत में आसाम की बिहू नृत्य का रंग रंग जमा। लोक सभा अध्यक्ष मीरा कुमार, केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय, आसाम और हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित कई आला अधिकारी और विभिन्न देशों के अतिथियों ने इसका लुत्फ उठाया।
हल्के-फुल्के क्षण
समारोह में उस समय अचानक सबकी हंसी निकल पड़ी जब आसाम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने खुद को थाईलैंड का ऑरिजन बताया। लोकसभा अध्यक्ष जब चौपाल पर संबोधन करने आई तो उन्होंने चुटकी ली कि मैं कई सालों से गोगोई जी को जानती हूं। आज पता चला कि वे थाईलैंड ऑरिजन के हैं। इसके बाद मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
यूनिवर्सिटी खोलने की अपील
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने आसाम और हरियाणा के मुख्यमंत्री से अपने राज्यों में हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम के प्रमोशन के लिए यूनिवर्सिटी खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल से बात हुई है।
आज के बदलते परिवेश में यह काफी आवश्यक है। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री फारुख अबदुल्ला ने बुधवार को परिवार के सदस्यों के साथ मेले का दौरा किया।