सरकार और निजी स्कूलों में तनातनी
Source: bhaskar news | Last Updated 03:10(07/02/12)
रोहतक . रोहतक में निजी स्कूल संचालक 25 फीसदी बच्चों को निशुल्क पढ़ाने के कानून के विरोध में खुलकर सामने आ गए। प्रदेश सरकार के शिक्षा अधिकार कानून २क्क्३ (134-ए) के विरोध में सोमवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 400 और सीबीएसई के 50 स्कूल बंद रहे। सभी स्कूल संचालकों ने स्थानीय छोटू राम धर्मशाला में एकत्र होकर इस नियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सभी ने डीसी विकास गुप्ता को ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि इस दौरान शहर में कुछ प्राइवेट स्कूल ऐसे भी रहे, जो खुले रहे।
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प्रमोद वशिष्ठ. चंडीगढ़ त्न शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) पर प्रदेश के 9,996 छोटे-बड़े निजी स्कूलों में खलबली है। प्रदेश में आरटीई के दो कानून हैं। केंद्र के नियम के मुताबिक स्कूल में 25 फीसदी बच्चों को निशुल्क पढ़ाना है। वहीं, प्रदेश सरकार के कानून २क्क्३ (१३४-ए) के मुताबिक भी अलग से 25 फीसदी बच्चों को पढ़ाना होगा। इस कानून में पहली से आठवीं तक कोई फीस नहीं जबकि 9वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूल के बराबर फीस पर दाखिला देना होगा।
तर्क
प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि ‘यह नियम अभिभावकों के हित में नहीं है। अगर नियम थोपा गया तो, हम फीस बढ़ाने पर मजबूर हो जाएंगे।’
मांग
प्रदेश मान्यता प्राप्त स्कूल एसोसिएशन के उपप्रधान आरएस सिंधू ने कहा अगर सरकार फीस दे तो वह पढ़ाने को तैयार हैं। सरकार गरीब बच्चों का एकाउंट खुलवाकर सीधे अनुदान दे सकती है।
पढ़ाना तो होगा ही..
॥दाखिला तो देना ही होगा। आरटीई के तहत चिह्न्ति किए जाने वाले निजी स्कूलों को सरकार फीस देगी। यह फीस सरकारी व निजी स्कूलों में जो भी कम है, वह होगी। प्रदेश के रूल 134-ए के तहत दाखिल 25 बच्चों के मामले में फीस नहीं दी जाएगी।ञ्ज
-गीता भुक्कल, शिक्षा मंत्री,