रोहतक. गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग को लेकर किसान अब 11 जनवरी को रादौर में रणनीति बनाएंगे। इससे पहले सरकार यदि गन्ने का भाव 354 रुपए प्रति क्विंटल देने की घोषणा नहीं करती तो किसान आंदोलन जारी रखेंगे।
किसानों द्वारा गन्ने की आपूर्ति रोके जाने से शनिवार शाम सात बजे भाली आनंदपुर स्थित दी हरियाणा सहकारी चीनी मिल में पिराई का काम बंद हो गया। गन्ने की आपूर्ति की बहाली तक मिल बंद रहेगी।
मांगों को लेकर पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान रात 12 बजे ही चीनी मिल के बाहर डट गए। अल सुबह चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी। मिल के दोनों गेटों पर किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर अंदर जाने का रास्ता रोक दिया।
शनिवार सुबह किसानों ने मिल के अंदर पहुंचे गन्ने की पिराई भी रोकने का प्रयास किया, लेकिन मिल प्रबंधन ने बातचीत से यह मामला निपटा दिया। इसके बाद मिल के अंदर पहुंच चुके गन्ने की पिराई शाम सात बजे तक चली। इससे पहले मिल के गेट पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा के अलावा इनेलो व माकपा कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की। किसान सभा के राज्य उप-प्रधान मास्टर शेर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का भाव 290 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि हरियाणा में महज 250 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है।
फसल का लागत मूल्य 236 रुपए प्रति क्विंटल है। किसानों को गन्ने का मूल्य 354 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाना चाहिए। मिल के एमडी बीर सिंह ने बताया कि किसानों का ज्ञापन सरकार को भेजा गया है।