इस खबर को पढ़ने के बाद, V'day पर कहें दिल की बात!
Source: अनीता भाटी | Last Updated 01:51(10/02/12)
फरीदाबाद. यह इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजै, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है.। प्यार का पर्याय बन चुके वैलेंटाइन डे को लेकर औद्योगिक नगरी के युवा खासे उत्साहित हैं।
मनोचिकित्सकों के अनुसार प्यार में चोट खाए लोगों में हार्ट अटैक की संभावना 10 प्रतिशत अधिक हो जाती है। इतनी ही आशंका डिप्रेशन में जाने की होती है। ऐसे में यदि आप इस वैलेंटाइन डे पर अपनी दिल की बात किसी को कहने वाले हैं तो पहले अपने दिल को थोड़ा मजबूत कर लें। दिमाग को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रखें।
दिल टूटने का खतरा
मनोचिकित्सक डॉ. अजय भार्गव के अनुसार इस दिन को लेकर अक्सर युवा काफी उम्मीदें जोड़ लेते हैं। जब ये टूट जाता हैं तो मन दुखी हो जाता है। इससे व्यक्ति धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला जाता है। उसकी हार्ट बीप बहुत धीमी हो जाती है। इसका रक्तवाहिनी प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दिल की धमनियां सिकुड़ने और रक्त जमा होने से हृदय की धड़कन प्रभावित होती है, पैनिक अटैक का कारण बन जाती है।
आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. अनिल गोयल के अनुसार भावनाओं में उतार-चढ़ाव के कारण कोरोनरी में अवरोध पैदा होता है। धमनियों के अंदर की चिकनी सतह खुरदरी हो जाती है। इससे वहां कोलेस्ट्रॉल जैसा तत्व जमा होने लगता है। खून जमना शुरू हो जाता है। जो हृदय के लिए घातक होता है।
लक्षण
धड़कन तेज होना, सोने से पहले सीने में दर्द महसूस करना, शरीर सुस्त रहना, भूख-प्यास कम लगना, बेचैनी व चिड़चिड़ापन महसूस होना, नींद न आना, काम में मन न लगना, भीड़ में भी अकेलेपन का एहसास होना आदि डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं।
सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार यदि सामने वाले ने आपके प्रपोज का निगेटिव जवाब दिया है तो उसे दिल पर न लें। आप अच्छे दोस्त बनकर भी रह सकते हैं। यदि फिर भी आप उस बात को नहीं भुला पा रहे हैं तो अपनी दिनचर्या व्यस्त कर लें।समुचित एवं स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।
शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखें। वजन को संतुलित रखें। एंग्जाइटी से बचें। व्यायाम जरूर करें। टीवी देखने से परहेज करें। खाली समय में डांस, व्यायाम, योगा, तैराकी का प्रयोग करें। जितना हो अकेले रहने से बचें और दोस्तों के साथ घूमने निकलें।