फरीदाबाद. गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान ओले भी गिरे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक मौसम ने रुख बदला और आसमान काले बादलों से घिर गया। दिन में रात जैसा घना अंधेरा छा गया। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट जल गईं व वाहन चालकों को हेड लाइट जलानी पड़ीं।
इसके बाद झमाझम बारिश हुई। इससे जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।शुक्रवार को 17 एमएम बारिश दर्ज की गई।
ठंड ने फिर दिखाया असर : पिछले कुछ दिन पहली ही शहर में ठंड ने जहां पिछले 40 सालों का रिकार्ड तोड़ा है। वहीं लोहड़ी से कुछ दिन पहले ही धुंध के छंटने और पारे के दहाई के अंकों में आने के साथ ही लोगों को ठंड से न केवल राहत मिली, बल्कि एक बार तो लगने लगा कि सर्दी चली गई है, लेकिन गुरुवार को ठंड ने फिर यू टर्न मार लिया।
तापमान गिरा: शहर का अधिकतम तापमान 19.5 व न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में अभी फेरबदल जारी रहेगा।शनिवार को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
बदला मौसम का मिजाज, दिन में हो गई रात
गुरुवार को रात से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही।शुक्रवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम थोड़ा खुलने लगा। थोड़ी देर बार ही फिर से आसमान बादलों से घिर गया। दोपहर 12 बजे ही शहर में अंधेरा छा गया। करीब आधा घंटा मौसम ऐसे ही बना रहा है।
इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसतन 17 एमएम बारिश दर्ज की गई।
इनमें फरीदाबाद में 22 एमएम, बल्लभगढ़ 12 एमएम व छांयसा में 15 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। दोपहर एक बजे फिर मौसम एकदम साफ हो गया है। गुनगुनी धूप खिल उठी। इसके बाद मौसम फिर खराब हो गया।
सरसों व सब्जी को नुकसान
रात को ओलावृष्टि से सब्जी व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि गेहूं के फसल को नुकसान नहीं पहुंचा है। जिले में करीब डेढ़ हजार हेक्टेयर भूमि पर सब्जी व एक हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल है।
कृषि विभाग के अनुसार सब्जी को 50-60 फीसदी व सरसों को करीब 40 फीसदी नुकसान होने का अनुमान है। विभाग ने नुकसान का आकलन करने के लिए टीमों को लगा दिया है। सोमवार तक पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
तस्वीर: शुक्रवार को हुई बारिश के कारण सेक्टर-9 में भरा पानी।
आगे की तस्वीरों पर क्लिक करके देखिए कैसे था शहर का नजारा...