जब पूरी दुनिया है क्रिकेट की दीवानी, यहां कबड्डी में पसीना बहाते हैं छोरे

फरीदाबाद.आज जब सारा देश क्रिकेट का दीवाना है, वहीं देश की राजधानी से चंद किलोमीटर दूर स्थित फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर गांव में पारंपरिक खेल कबड्डी की दीवानगी सिर चढ़कर बोल रही है। कबड्डी यहां युवाओं का टशन बनी है। हू-तू-तू की आवाज यहां के युवाओं में जोश और कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा करती है।
यही वजह है कि भारतीय टीम में यहां से पांच खिलाड़ी और लड़कियों की टीम में 6 खिलाड़ी इस गांव के खेल रहे हैं। राज्य टीम में भी इस गांव के खिलाड़ियों की काफी संख्या है। खास बात यह है कि इस खेल ने गांव को सार्क देशों का एक मंच भी बना दिया है। यहां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के कबड्डी टूर्नामेंट हर साल हो रहे हैं।
यह हैं कबड्डी को गांव में पुनर्जीवित करने वाले :गांव को कबड्डी प्रधान बनाने का श्रेय अंतरराष्ट्रीय कोच एवं जिला कबड्डी संघ के महासचिव बीएस चपराना और उसके तीन साथियों लायकराम, अजयपाल व नरेंद्र को जाता है।
करीब 25 वर्ष पहले इन लोगों ने कबड्डी का आधुनिक स्वरूप अपनाया। नियमों के मुताबिक कबड्डी खेलना शुरू किया। लोग जुड़ते गए कारवां बनता गया। चपराना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल के गोल्ड मेडलिस्ट हैं और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच हैं। वह 6 विदेशी मुल्कों को भी इस खेल में वह पारांगत कर चुके हैं।
62 परिवारों की बदली जिंदगी :गांव के 62 बच्चे इस खेल की बदौलत आर्मी, रेलवे, नेवी, हरियाणा पुलिस व सिविल सर्विस जैसी सरकारी नौकरियों में लगे हैं। इनमें 10 बेटियां भी शामिल हैं। इन बच्चों के परिवार के हालात अच्छे नहीं थे, लेकिन नौकरियां मिलीं तो जिंदगी बदल गई।
कुछ अलग से आंकड़े :राज्य टीम में शामिल गांव के खिलाड़ी - प्रमोद, अजय, नवीन, जवाहर सिंह, दीपक, मकसूद। अनीता, सुनीता, सुधा, दीपिका, शीतल, बबीता।
भारतीय पुरुष टीम में शामिल खिलाड़ी :बादल चपराना, यशवीर चपराना, अनिल, देवेंद्र, प्रमोद।
भारतीय महिला टीम में शामिल खिलाड़ी : सुमन, जगवती, बबीता, गीता, किरन, प्रियंका।
इन लड़कियों को मिली सरकारी नौकरी- जगवती, सुमन, सुधा, बबीता, मनेष, रीटा, अनीता, गीता। इनमें 4 हरियाणा पुलिस और 4 डीपीई लगी हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर एक नजर
मेवला महाराजपुर में दो बार 2006, 2011 में कबड्डी वर्ल्डकप, और तीन बार 2000, 2007, 2010 में एशियन कबड्डी गेम्स आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें अभी तक भारतीय टीम ही विजेता रही है। इसके अलावा कई प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं। सार्क देशों की टीमों से टेस्ट मैचों का आयोजन यहां पर होता रहता है। इस गांव में हरियाणा सरकार ने कबड्डी स्टेडियम बनाने की घोषणा की है। इसके लिए जमीन ढूंढ़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है।
बादल व यशवीर ने दिलाया अलग मुकाम
गांव के युवा खिलाड़ी बादल चपराना व यशवीर चपराना ने भी गांव को अलग मुकाम पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह बच्चों के लिए ऑयकान बनकर उभरे। दोनों युवा खिलाड़ी रेलवे में टीटी हैं। बादल ने एशियन खेल में भारतीय टीम को तीन बार गोल्ड दिलाने में मदद की है, जबकि यशवीर एक बार उनके सहायक रहे हैं।
कोच बीएस चपराना बताते हैं कि बादल को रेलवे ने उसके प्रदर्शन पर ऑन द स्पॉट जॉब दी। पहले बादल हरियाणा पुलिस में लगा था। रेलवे और हरियाणा पुलिस का मैच चल रहा था। यह टीम में आखिरी खिलाड़ी बचा था और रेलवे बढ़त बनाए थी। उस दौरान बादल ने ऐसा दांव खेला कि अपनी टीम को एक अंक से बढ़त दिलाते हुए जीत दिला दी। यशवीर चपराना कहते हैं कि खेल ने उनकी जिंदगी संवार दी। वह फरीदाबाद स्टेशन पर टीटी की पोस्ट पर लगे हैं। बल्कि फिटनेस भी खेल से अच्छी रहती है।
भारतीय पुरुष टीम में शामिल खिलाड़ी : बादल चपराना, यशवीर चपराना, अनिल, देवंेद्र, प्रमोद।
भारतीय महिला टीम में शामिल खिलाड़ी : सुमन, जगवती, बबीता, गीता, किरन, प्रियंका।
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