गुड़गांव . आईएमटी मानेसर स्थित सीनियर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मामले में अतिरिक्त श्रमायुक्त (एएलसी) नितिन यादव की अध्यक्षता में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई दूसरी वार्ता भी विफल रही। उधर वार्ता विफल होने की सूचना मिलते ही कंपनी गेट के सामने धरने पर बैठे श्रमिक आक्रोशित हो गए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारे बाजी करने लगे।
बुधवार को एएलसी कार्यालय में लगभग डेढ़ घंटे तक हुई आपसी बातचीत में कोई भी पक्ष झुकने के लिए तैयार नहीं हुआ। कंपनी प्रबंधन 67 नियमित कर्मियों में से कुछ गिने-चुने कर्मियों को ही काम पर लेने को अड़ा रहा। वहीं प्रबंधकों ने स्पष्ट कर दिया कि ठेका कर्मियों को किसी भी शर्त पर काम पर वापस नहीं लिया जाएगा।
वार्ता में एएलसी नितिन यादव ने समझौते के लिए दोनों पक्षों को झुकने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को कंपनी हित में और प्रबंधन को श्रमिकों के हित में सोचने के लिए कहा। नितिन ने कहा कि इस तरह से जिद पर अड़े रहने से किसी का हित नहीं होगा। उन्होंने श्रमिकों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर आपसी बातचीत से मामले का हल निकालने की अपील की।
वार्ता विफल होने की सूचना मिलते ही कंपनी गेट के सामने धरने पर बैठे श्रमिक आक्रोशित हो गए। शाम के चार बजे कंपनी गेट के सामने विभिन्न ट्रेड यूनियनों के लगभग 300 कर्मचारी इकट्ठे हो गए और प्रबंधन व श्रम विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
उल्लेखनीय है कि कंपनी में लगभग दो महीने से श्रमिक विवाद चल रहा है। कंपनी के सभी नियमित कर्मियों के साथ ठेके के कर्मी बाहर हैं, जबकि कंपनी कुछ नए कर्मियों के सहयोग से उत्पादन का कार्य कर रही है। नए कर्मी कंपनी के भीतर ही ठहरे हुए हैं, वे घर नहीं लौटते। अनिल के अनुसार कंपनी में यूनियन गठन को लेकर यह विवाद शुरू हुआ है। श्रमिकों ने प्रबंधन के विरोध के बाद भी कंपनी में यूनियन का गठन किया और प्रदेश सरकार से यूनियन का पंजीकरण करवाया। प्रबंधन बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है।