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पूर्व सरपंच की हत्या के अभियुक्त जैन व जिलेराम के घरों में सीबीआई के छापे

Bhaskar News | Feb 20, 2013, 06:30AM IST
पूर्व सरपंच की हत्या के अभियुक्त जैन व जिलेराम के घरों में सीबीआई के छापे
पानीपत, करनाल, पंचकूला, चंडीगढ़.  करनाल के गांव कंबोपुरा के पूर्व सरपंच कर्मसिंह की हत्या के मामले में सीबीआई की नौ टीमों ने मंगलवार को पूर्व परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा के पानीपत, करनाल, पंचकूला और चंडीगढ़ स्थित घरों और दफ्तरों पर एक साथ छापे मारे।
 
जैन पानीपत के ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से और जिलेराम शर्मा करनाल के असंध विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। कर्मसिंह हत्याकांड में फंसने के बाद जैन को प्रदेश के परिवहन मंत्री पद से और शर्मा को मुख्य संसदीय सचिव पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
 
पानीपत में जैन तो अपने घर में सीबीआई टीम को मिले, लेकिन शर्मा छापों के दौरान नामौजूद रहे। उनके स्टाफ ने बताया कि शर्मा कुंभ स्नान के लिए इलाहाबाद गए हुए हैं। इन छापों के दौरान सभी जगहों से सीबीआई टीम अपने साथ काफी दस्तावेज ले गई।
 
जैन के घर में रखे साढ़े 26 लाख रुपए भी सीबीआई टीम अपने साथ ले गई। उनके तत्कालीन पीए राजेंद्र भारद्वाज के घर पर इसलिए छापे मारे गए क्योंकि कर्मसिंह ने पानीपत के डीसी को पत्र लिख कर बताया था कि उसके एक रिश्तेदार की नौकरी लगवाने के लिए जैन ने पांच लाख रुपए की मांग की थी और उसने यह रकम उनके पीए राजेंद्र को सौंपी थी।  
 
कहां-कहां दबिश
 
 
 
सुबह लगभग दस बजे एक टीम जैन के चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित घर पर तो दूसरी शर्मा के पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। एक टीम ने करनाल में शर्मा की सेक्टर-8 स्थित पुरानी कोठी और नई कोठी पर जांच की। मिर्चपुर गांव स्थित उनके घर पर भी सीबीआई ने जांच की। पानीपत में जैन की कोठी पर भी छापा मारा गया। वहीं राजेंद्र के मॉडल टाऊन स्थित घर और नोहरा गांव स्थित घर पर भी दबिश दी गई।
 
 
नहीं लौटाई थी रिश्वत
 
 
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कर्मसिंह के भतीजे की नौकरी लगवाने के लिए तत्कालीन परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन ने पांच लाख की रिश्वत ली थी। लेकिन न तो नौकरी लगवाई और न ही राशि लौटाई। कर्मसिंह ने अपने पुत्र राजेंद्र सिंह को बताया था कि उसने कंडक्टर के पद की भर्ती के लिए शर्मा व जैन को राशि दी है। इसी वजह से जैन और शर्मा ने कर्मसिंह पर जानलेवा हमला कराया। कर्मसिंह के पुत्र के मुताबिक उसके पिता ने मृत्यु से पहले करनाल के ट्रामा सेंटर में ये बात बताई थी।
 
करनाल में अचेत मिले थे कर्मसिंह
 
 
65 वर्षीय कर्मसिंह की मौत 7 जून 2011 को हुई थी। वह अचेत हालत में करनाल में एनडीआरआई माडर्न डेयरी के सामने मिले थे। उन्हें ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद जैन और शर्मा पर हत्या का केस दर्ज किया गया। तब दोनों ने मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था।
 
हरियाणा पुलिस ने दी थी क्लीन चिट
 
कर्मसिंह हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर उनके पुत्र राजेंद्र ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी लगाई। हाईकोर्ट में हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने आरोपी विधायकों जिले राम शर्मा व ओमप्रकाश जैन को क्लीन चिट दे दी। स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में कहा कि मामला आत्महत्या का है व केस बंद कर देना चाहिए।
 
हाईकोर्ट ने सीबीआई को दी जांच
 
कर्मसिंह के बेटे राजेंद्र के वकील ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, क्या कोई 60 से ज्यादा इंजेक्शन लेकर, जहर खाकर आत्महत्या करेगा? कोर्ट ने जांच दल को फटकार लगाई और कहा, जांच में कई खामियां हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई को सौंप दी।

 

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