हिसार .भिवानी.कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में कीटनाशक दवा घोटाले को अंजाम दिया है। विभाग के अधिकारियों ने एक कीटनाशक दवा के डेढ़ लाख पैकेट बाजार से 29 रुपए प्रति पैकेट के हिसाब से खरीदे। इसके बाद विभाग ने इसे किसानों को प्रति पैकेट सब्सिडी के नाम पर साढ़े 14 रुपए में बेचा। खास बात यह है कि बाजार में इस दवा का एक पैकेट 18 रुपए में खरीदा जा सकता है।
विभाग के अधिकारियों ने दवा खरीदने के नाम पर करीब 11 रुपए प्रति पैकेट के हिसाब से बाजार मूल्य पर भी साढ़े 16 लाख की दलाली अपनी जेब में डाल ली। विभाग का यह भ्रष्टाचार कभी सामने नहीं आता अगर कुछ जागरूक किसान मामले की तह तक नहीं जाते।
जिले के चार किसानों ने बाजार में जब दवा की कीमत जानी तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गई। किसानों ने मामले से भिवानी विकास एवं सुधार समिति को अवगत करवाया और अब मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त और सिरसा के संयुक्त कृषि निदेशक कर रहे हैं।
इन्होंने किया है खुलासा
मालवास कोहाड़ गांव के राजेंद्र, दलबीर, भूपेंद्र, रमेश ने विभाग से यह दवा खरीदी तो उन्हें मामले में गड़बड़ी नजर आई। चारों ने मामले की जानकारी भिवानी सुधार एवं विकास समिति के अध्यक्ष कैप्टन पवन अंचल को दी।
कैप्टन ने बाजार से इस दवाई को खरीदकर बिल प्राप्त किया और मामले की जानकारी अक्टूबर 2011 में मुख्यमंत्री, कृषि विभाग के फायनेंशियल कमिश्नर व जिला उपायुक्त को की। सरकार ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त भिवानी और कृषि विभाग ने इसकी जांच सिरसा के संयुक्त कृषि निदेशक आरसी पूनिया को सौंप दी है।