यहां है आधे से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकानों पर
नूरपुर
नन्हे-मुन्ने बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए बाल विकास परियोजना विभाग के पास अपने भवन नाममात्र के हैं, जबकि अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चलाए जा रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय नूरपुर के अंतर्गत 337 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 196 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं।
यही नहीं जिन किराए के भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं वह भी विभाग के मापदंडों पर खरा नहीं उतरते। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय नूरपुर के तहत आते 337 आंगनबाड़ी केंद्रों में से औंद, गेहीं लगोढ़, सुडिय़ाल (लदोड़ी), कमनाला, कुलाहण, ठेहड़ (गुरचाल), मुगडय़ाल, बदूही व डन्नी आंगनबाड़ी केंद्रों के पास ही अपने भवन है,
जबकि दो आंगनबाड़ी केंद्रों हाथीधार और बासा समलोटियां का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 16 आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत घरों, 16 प्राइमरी स्कूलों, 13 महिला मंडल भवनों, 90 जंजघरों व सरायों तथा 196 किराए के निजी भवनों में चलाए जा रहे है।
हालांकि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाती है, लेकिन भूमि उपलब्ध न होना भवन निर्माण में सबसे बड़ा रोड़ा बन रही है।
सीडीपीओ नूरपुर सुरेंद्रा राणा ने बताया कि सरकार की ओर से भवन निर्माण के लिए हर साल बजट जारी किया जाता है, लेकिन भूमि उपलब्ध न होना भवन निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है।
इस वर्ष आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 3 नए भवनों का निर्माण किया गया है, जबकि दो का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।








