आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संभालेंगी शिशुओं को
Source: पवन ढलोड़ | Last Updated 00:18(02/01/12)
शिमला. पांच साल तक की आयु के बच्चों की देखभाल करने वाली प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब नवजात बच्चों की देखभाल भी करेंगी। हर साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर 1 लाख 4 हजार नवजात शिशुओं की देखभाल का जिम्मा होगा।
प्रदेश में नवजात बच्चों की मृत्यु दर कम करने और घर में होने वाले प्रसव के दौरान के गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सुविधा में सहयोग देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। इस वर्ष जून से यह योजना प्रदेश में लागू हो जाएगी। जनवरी से योजना का पहला चरण शुरू हो रहा है।
इसके तहत प्रदेश के 8 प्रमुख को ट्रायल के आधार पर चयनित किया गया है। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू किए जा रह है। इस कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र से शिशु स्वास्थ्य पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं जो सभी जिलों में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगी।
विशेष मानदेय मिलेगा
प्रदेश में 18,236 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। योजन से लागू होने के बाद पांच वर्ष तक के पांच बच्चे एक कार्यकर्ता के जिम्मे होंगे। मिशन की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष मानदेय दिया जाएगा।
विशेषकर घरों में जन्म लेने वाले और संस्थानों में जन्म लेने वाले बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस वर्ष जून में यह योजना पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी। -राकेश कंवर, निदेशक (एनआरएचएम)