राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
आकर्षण का केंद्र बनेंगी यहां 60 तरह की रंग-बिरंगी तितलियां!
Bhaskar news
| Jul 16, 2012, 04:01AM IST

वन्य प्रेमियों के लिए जहां यह आकर्षण का केंद्र बनेंगी, वहीं तितलियों पर शोध करने वालों को भी नई जगह मिलेगी। वाइल्ड लाइफ गार्ड रीतू पटियाल की कड़ी मेहनत से प्रदेश भर के वन्य प्रेमियों के पोस्टरों के जरिए इन मनमोहक तितलियों से रू-ब-रू करवाया जाएगा। पहली बार किसी ने इस तरह से एक साथ इतने बड़े स्तर पर व्यक्तिगत रूप से तितलियों की मौजूदगी की पहचान कर उन्हें खोजा है। तितलियां की मौजूदगी को लेकर के पिछले कई सालों से खोज चली हुई थी।
किन प्रजातियों को खोजा
शहर के पांच किलोमीटर के दायरे में इन तितलियों को फरवरी से जुलाई माह के बीच खोजा गया है। फूलों के अलावा तितलियां घास, लैंटेना फूल, बगीचों व पेड़ों के आसपास पाई गई। खड्डों और नालों के पास भी यह पाई गई।
60 प्रजातियों में प्रमुख
पैनसी, कॉमन लैपर्ड, कॉस्टर, गलासी बलूबॉटल, लैमन, पैनसी, येलो पैनसी, पलेन टाइगर, स्ट्राइपड टाइगर, इंडियन फ्रिटीलरी, कॉमन माइम, बुश ब्राउन, ओकलीफ, कॉमन ट्रीबाउन, बैडिड ट्रीब्राउन प्रमुख हैं।
पोस्टर भी तैयार विभाग ने इसके 500 पोस्टर तैयार किए हैं। ताकि तितलियों की पहचान से रू-ब-रू करवाया जा सके। पोस्टर स्कूलों और विभाग के कार्यालय में उपलब्ध होंगे। तितलियों की कई दुर्लभ व मनमोहक प्रजातियां हैं। सरंक्षण और पर्यटकों के लिए एक जगह पर आकर्षित करने को अब तक कोई वटर फ्लाई पार्क नहीं बन पाया है।
क्या कहते हैं खोजकर्ता
तितलियों की खोजकर्ता रीतू पटियाल ने बताया कि खोज का यह लंबा काम इस लिए काफी मुश्किल था, क्योंकि तितलियां काफी संवेदनशील होने की वजह से एक जगह पर टिक कर नहीं बैठती हैं। करीब 60 प्रजातियां उन्होंने खोज कर कैमरे में कैद की हैं। हमीरपुर के बाद वह इनकी खोज को दूसरी जगहों पर विस्तारित करेगी।
॥तितलियों की यह खोज लोगों को काफी आकर्षित करेगी। विभाग ने इनके पोस्टर भी तैयार किए हैं ताकि वन्य प्रेमियों को इनसे रु-ब-रु करवाया जा सके।
संगीता चंदेल, डीएफओ वाइल्ड लाइफ डिवीजन हमीरपुर






