भाजपा सांसद ने अपने ही सीएम से कहा, गद्दी छोड़ो

धर्मशाला.कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजन सुशांत ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल पथ परिवहन निगम के नौ हजार कर्मचारियों की मांगों को मानें या गद्दी छोड़ें। हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मियों के मंगलवार को प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान धर्मशाला बस अड्डा में धरने पर बैठे निगम कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करने पहुंचे राजन सुशांत ने मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को दो टूक चेतावनी दे डाली की मुख्यमंत्री आंदोलनरत निगम कर्मियों की मांगों को अविलंब मानकर उन्हें राहत प्रदान करें, अन्यथा निगम कर्मियों के समर्थन में वह भी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि मुझे किसी पद की कोई जरूरत नहीं। बिना पद के देश की सेवा करने का जज्बा होना चाहिए। हमें प्रदेश में नया इतिहास रचना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह लगी चिंगारी को इकट्ठा करके एक आग का रूप दिया जाएगा। वर्तमान में नीतियों व कार्यक्रमों की खामियों के कारण आम जनता परेशान है। ऐसे में जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे संघर्ष की राह अपनानी पड़ रही है।
लोकतंत्र में एमपी जनता का प्रतिनिधि
सुशांत ने कहा कि लोकतंत्र एमपी में जनता का प्रतिनिधि होता है। जनता की आवाज को उठाना उसका दायित्व है। उन्होंने धरने पर बैठे निगम कर्मियों से आह्वान किया कि न बिकना, न डरना, न झुकना, न किसी के आगे घुटने टेकना, क्योंकि अपने इरादों पर अडिग रहकर की मंजिलों को हासिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि आप अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे तो आगामी आगामी पीढ़ी भी आपको याद करेगी। सुशांत ने निगम कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सांसद होने के नाते जनता उनके साथ है और जरूरत पड़ी तो निगम कर्मियों के आंदोलन में भी वह जनता को लाकर खड़ा कर देंगे।







