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भास्कर एक्सक्लूसीव:-आंगनबाड़ी केंद्रों में एक माह से राशन का स्टॉक खत्म, नौनिहालों को नहीं मिल रहे दलिए सहित कई पौष्टिक आहार, गर्भवती महिलाओं को भी नहीं जा रहा सूखा राशन,कहां हो रही कौताही ? फोटो समाचार

Matrix News | Dec 11, 2012, 01:06AM IST
भास्कर एक्सक्लूसीव:-आंगनबाड़ी केंद्रों में एक माह से राशन का स्टॉक खत्म, नौनिहालों को नहीं मिल रहे दलिए सहित कई पौष्टिक आहार, गर्भवती महिलाओं को भी नहीं जा रहा सूखा राशन,कहां हो रही कौताही ? फोटो समाचार
अनिल शर्मा. हमीरपुर
जिले में कई आंगनबाड़ी केंद्रों में एक माह से राशन की कई चीजों का स्टॉक खत्म हो चुका है। केंद्रों में बच्चों को मिड-डे मील योजना में जो मौजूद है वही परोसा जा रहा है। राशन की सप्लाई न आने से केंद्रों पर आने वाले बच्चों को पौष्टिक आहार से जुड़ी कई चीजें नहीं मिल रही हैं।
भास्कर ने सोमवार को जब इन केंद्रों का दौरा किया, तो पाया कि कई केंद्रों पर पूरा राशन और पौष्टिक आहार से जुड़ी कई चीजें स्टॉक में नहीं हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में मेन्यू वाइज हर दिन नौनिहालों के लिए अलग-अलग खाना मिलना चाहिए, लेकिन जब राशन न हो तो क्या करें। कई केंद्रों ने महिला एवं बाल विकास विभाग को राशन की डिमांड भेजी है। मगर अब तक उनमें सप्लाई नहीं आई है। ऐसे में स्टॉक और सप्लाई दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कौन सी चीजें खत्म
आंगनबाड़ी केंद्रों में दलिया, चावल, मूंगी, घी, न्यूट्री मिक्स और चीनी नहीं है। कहीं चावल नहीं, तो कहीं दलिया नहीं है। पूरी चीजें लगभग कहीं उपलब्ध नहीं है। शहर के वार्ड-7 ए के आंगनबाड़ी केंद्र पर पिछले एक माह से मंूगी की दाल, न्यूट्री मिक्स, घी और दलिया नहीं है। यहां बच्चों को दूध और चावल ही दिए जा रहे हैं। वार्ड-6 बी के केंद्र पर चावल और मूंगी खत्म है। वार्ड-6 में चावल और दलिया खत्म है। वार्ड-2 के केंद्र में दलिया नहीं है, जो स्टॉक में बचा है, वहीं खिलाया जा रहा है। ऐसी ही हालत और जगह भी है।
चार माह का मिलता है इकट्ठा राशन
नौनिहालों के लिए विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन का चार माह का इकट्ठा स्टॉक उपलब्ध कराता है। लेकिन बीच में बच्चों की तादाद बढऩे से या राशन खत्म हो जाने से अकसर अगली सप्लाई आने तक में समस्या आती है। इन केंद्रों पर 6 माह से तीन साल तक के बच्चों को टेक होम राशन के तहत सूखा राशन और 3 से 6 साल के बच्चे को केंद्र पर बना कर खिलाने का प्रावधान है जबकि गर्भवती महिलाओं के लिए बना कर और सूखा देने, दोनों का प्रावधान है।
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा
कई केंद्र ऐसे भी हैं, जहां राशन का स्टॉक काफी कम रह जाने से गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन नहीं मिल पा रहा है। शहर के वार्ड-7 बी के केंद्र पर यह सुविधा महिलाओं को एक माह में नहीं मिल पाई है। राशन उन्हें दिया जाए तो बच्चों को खिलाना मुश्किल हो जाएगा।
राशन भेजने के लिए सीडीपीओ कार्यालय के पास पैसे नहीं
सीडीपीओ कार्यालय हमीरपुर के पास 183 आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन की सप्लाई भेजने के लिए ट्रांसपोर्टेशन बजट ही उपलब्ध नहीं है। बिना पैसों के राशन भेजना मुश्किल हो गया है। परिवहन व्यय का 10 हजार पेंडिंग बजट भी नहीं मिल पाया है। नौनिहालों की सुविधा का ऐसे में कितना ख्याल रखा जा रहा है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कार्यालय ने डीपीओ कार्यालय से इसके लिए 15 दिन पहले एक लाख का बजट मांगा है।
कोट
दलिए की सप्लाई काफी समय से सिविल सप्लाई विभाग से नहीं आई है। जिन केंद्रों पर राशन में जुड़ी चीजें खत्म हैं। उन्हें एक सप्ताह में इनकी सप्लाई पहुंचाई जाएगी। डीपीओ कार्यालय से परिवहन व्यय का बजट भी मांगा गया है।
बलवीर सिंह, सीडीपीओ हमीरपुर
कोट
दलिए की सप्लाई सिविल सप्लाई विभाग द्वारा भेजी जानी है। राशन से जुड़ी अन्य चीजों का स्टॉक है संबंधित सीडीपीओ ही इसे नहीं उठा रहे है। जिन केंद्रों के पास सामान नहीं वह इसकी डिमांड दें। कहीं कोई कोताही हो रही होगी तो जांच की जाएगी। सीडीपीओ कार्यालय हमीरपुर को परिवहन व्यय का एक लाख 75 हजार रुपए का पूरा बजट अप्रैल में दे दिया गया था। इसके खर्च की डिटेल मांगी गई है।
प्रदीप ठाकुर,जिला कार्यक्रम अधिकारी,महिला एवं बाल विकास विभाग हमीरपुर।
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